गंगा दशहरा आज, गंगा स्नान से मिलेगी पापों से मुक्ति, इन चीजों का करें दान

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लाइव सिटीज डेस्क : ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष दशमी तिथि दिन गुरुवार को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जायेगा.  कहा जाता है कि इसी दिन पतित पावनी मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है.पुराणों के मुताबिक ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष तिथि को मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. इसे गंगा दशहरा या गंगा अवतरण के नाम से भी जाना जाता है.

इस बार गुरुवार और पुरुषोत्तम मास का विशेष संयोग बन रहा है. यह योग मीन और धनु राशि वालों के विशेष शुभकारी है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से दस पापों से मुक्ति मिल जाती है. पंडित राकेश झा ने बताया कि स्कंद पुराण के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी संवत्सरमुखी मानी गयी है.

स्नान करने का शुभ मुहूर्त

इसमें स्नान और दान का विशेष महत्व है. इन दिन पवित्र नदी पर जाकर अर्घ देना शुभ माना गया है. स्नान करने का शुभ मुहूर्त सुबह चार बज कर 15 मिनट से लेकर 5 बज कर 25 मिनट तक है. वहीं, शाही स्नान का समय सुबह 5:35 से 6:42 है. जातक इस दिन ऊं नम: शिवाय: नारायण दशहराये गंगाये नम: के जप करें. ऐसा करने से भगवान की कृपा बरसती है. साथ ही पितरों की तृप्ति मिलती है.

इन चीजों का करें दान

गंगा दशहरा के दिन दान पुण्य करने का विशेष महत्व है. गंगा दशहरा के दिन सत्तू, मटका और हाथ का पंखा, आम, लीची, सुपारी, गुड़ आदि का दान करना शुभ है. गंगा दशहरा के दिन गंगा ऊं नम: शिवाये नारायणाय दशहराये गंगाये नम: का जाप करने का विशेष महत्व है. गंगा स्नान करने के बाद अपने घर गंगा जल लाने की महत्ता है. ऐसा करने से पित्तरों को तृप्ति मिलती है. इस दिन का किया पुनीत कार्य पितरों के मोक्ष के लिए अच्छा होता है. झा ने कहा कि महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए राजा भगीरथ ने गंगा को धरती पर लाने के लिए तपस्या की थी.

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