अब Facebook और अन्य Social Site पर फैलाई गंदगी तो छोड़ेगी नहीं बिहार पुलिस, कर ली है पूरी तैयारी

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पटना। 21वी सदी में तेजी से बढ़ते Social Site पर अफवाहों और साइबर क्राइम के मामलों को लेकर बिहार भी अनछूआ नहीं है. बिहार में भी साइबर क्राइम की एक के बाद एक घटनाएं सामने आ रहीं है. मॉर्डन वर्ल्ड के इस नए तरीके के क्राइम से निपटने के लिए  पुलिस को  भी हाइटेक होने की आवश्यकता है. ऐसे में  बिहार पुलिस को साइबर मामलो लस निपटने के  काबिल बनाने के लिए बिहार के डीप्टी सीएम ने  बड़ी घोषणा की है।आप पटना के बेली रोड में बिहार का पहला भूकम्परोधी तकनीक पर बना ‘सरदार पटेल भवन’ (पुलिस भवन) के उद्घाटन समारोह को सुशील मोदी ने साइबर क्राइम से निपटने को लेकर बिहार सरकार द्वारा की गई तैयारियों का जिक्र किया.

यहां अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि राज्य में साइबर अपराध और धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सभी 38 जिलों में कुल 74 साइबर क्राइम एंड सोशल मीडिया यूनिट (cyber crime & social media unit) का गठन सरकार कर रही है।उन्होंने बताया कि इनमें से 60 यूनिट इस महीने के अंत तक काम करने लगेंगे.

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वहीं सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाकर समाज में अशांति पैदा करने के मालमे से निपटने के लिए उत्पन्न करने वालों से निपटने के लिए सरकार प्रत्येक थाने में साइबर सेनानी तैनात करेंगी। उन्होने आगे बताया कि महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले साइबर अपराध के मामले की रोकथाम को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.

सोशल मीडिया यूनिट को लेकर सरकार की ओर से 740 पद स्वीकृत

श्री मोदी ने कहा कि साबर क्राइम एंड सोशल मीडिया यूनिट को लेकर सरकार की ओर से 740 पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक यूनिट में 10-10 लोग तैनात किए जायेंगे जिनमें 6 पुलिसकर्मी व 4 आईटी के जानकार होंगे. महाराष्ट्र और यूपी में जहां अभी दो-चार साइबर थाने ही है जबकि मुम्बई के केवल शहरी इलाके में ही साइबर यूनिट कार्यरत है, लेकिन बिहार के हर में साइबर यूनिट होंगे.

वहीं बिहार सरकार ने फैसला किया है कि सोशल नेटवर्किंग  फेसबुक, ट्विटर का दुरुपयोग कर अफवाह और समाज में अशांति फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए प्रत्येक थाने में 100-100 साइबर सेनानियों की तैनात की जाएगी। इसके लिए सरकार ने 40 हजार से ज्यादा साइबर सेनानी का चयन किया जा चुका है.

उन्होने बताया कि कम्प्यूटर फोरेंसिक लैब की स्थापना के साथ ही महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले साइबर अपराध व अश्लील वीडियो और फोटो सोशल साइट पर डालने के खिलाफ कोई भी व्यक्ति cyberpolice.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.

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