BREAKING : नीतीश कुमार पर चप्पल फेंकने वाले चंदन सिंह को पुलिस ने थाने से ही छोड़ा

चंदन सिंह के फेसबुक एकाउंट का स्कीनशॉट.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चप्पल फेंक कर औरंगाबाद का रहनेवाला युवक चंदन सिंह गुरुवार को अचानक सुर्खियों में आ गया था. देखते ही देखते चंदन सिंह सोशल मीडिया पर छा गया. इस मामले में लाइव सिटीज ने कल ब्रेक किया था कि मुख्यमंत्री पर चप्पल फेंकने वाला चंदन सिंह किसी और के साथ नहीं, बल्कि औरंगाबाद से जदयू अध्यक्ष आनंद वैभव के साथ पटना आया था. उन्हीं के साथ वे पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया था. अब लाइव सिटीज इस मामले में फिर से ब्रेकिंग खबर दे रहा है कि चप्पल फेंकने वाले चंदन सिंह को पटना पुलिस ने थाने से ही छोड़ दिया.

दरअसल कल से ही यह बात बिहार के सियासी गलियारे में तैर रही थी कि हिरासत में लिये गये आरोपी युवक को गिरफ्तार किया जाएगा या उसकी रिहाई होगी. सवाल इसलिए भी उठ रहे थे कि चप्पल फेंकने वाले युवक चंदन ने आरक्षण की बात उठायी थी. उसने सरकारी नौकरियों में आरक्षण का विरोध किया था. प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण का उसने विरोध किया था.

हालांकि गांधी मैदान थाने की पुलिस ने बापू सभागार से चंदन को तुरंत हिरासत में ले लिया था. काफी देर तक पुलिस ने उससे पूछताछ की थी. पुलिस हर पहलू को खंगाल रही थी. यह भी देख रही थी कि चंदन का किसी राजनीतिक दल से संबंध तो नहीं है. इतना ही नहीं, सूत्रों की मानें तो पटना पुलिस के कहने पर औरंगाबाद पुलिस ने चंदन के घर पर भी जायजा लेने गयी थी. पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खैरी गांव स्थित उसके पिता बिमलेश सिंह को भी देखा, जिनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. इसके बाद चंदन को पटना पुलिस ने रिहा कर दिया. इसकी जानकारी खैरी पंचायत के मुखिया सुजीत कुमार सिंह ने वहां के स्थानीय मीडिया को दी है.

BREAKING: नीतीश कुमार पर चप्पल फेंकनेवाला युवक चंदन छात्र जदयू अध्यक्ष आनंद के साथ आया था पटना

गौरतलब है कि गुरुवार को लाइव सिटीज ने बताया था कि चंदन किस तरह औरंगाबाद से पटना में छात्र जदयू की ओर से आयोजित विराट छात्र संगम कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आया था. वह औरंगाबाद के छात्र जदयू अध्यक्ष आनंद वैभव के साथ 400 लोगों के जत्थे में शामिल था. यह गनीमत थी कि चप्पल सीएम के थोड़ा पहले ही गिर गयी. लेकिन इसके बाद तो वहां पर काफी अफरातफरी मच गयी. बाद में छात्र जदयू अध्यक्ष आनंद वैभव ने मीडिया से कहा कि बापू सभागार के अंदर चंदन की मंशा कब बदल गई, इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं.

बहरहाल मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण हिरासत में लिये गये चंदन सिंह को पटना पुलिस ने थाने पर से ही छोड़ दिया. हालांकि जांच के दौरान पुलिस ने चंदन का फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया. फेसबुक अकाउंट पर चंदन ने अपना नाम Chandan Singh (Raja) लिखा था.

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