बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारण ने बाढ़ और अन्य आपदा से बचाव के लिए शुरू किया संवेदीकरण कार्यक्रम

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: मानसून के दौरान होने वाली विभिन्न आपदाओं के संबंध में जागरूकता/ जानकारी/बचाव के तरीकों आदि के संबंध में संवेदीकरण/अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन डीआरआर ई एकेडमी बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. डीआरआर ई एकेडमी के तहत मधुबनी जिले का अधिकारियों को बाढ़ की आपदा से बचाव की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम में पटना और मधुबनी जिले के कुल 107 अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन एवं मत्स्यसंसाधन विभाग के जिले में तैनात अधिकारियों ने आपदा से निपटने की ऑनलाइन जानकारी ली.


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यास जी उपाध्यक्ष, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा किया गया. साथ ही आपदा जोखिम न्यूनीकरण बिहार का परिदृश्य एवं बाढ़ के दौरान के सुरक्षा के उपाय एवं कोविड-१९ की चुनौतियों एवं सावधानियों पर मुख्य संबोधन व्यास जी, उपाध्यक्ष BSDMA के द्वारा किया गया. बिहार राज्य के संदर्भ में मानसून के दौरान होने वाली घटनाओं का परिदृश्य पर पीएन राय, सदस्य BSDMA के द्वारा महत्त्वपूर्ण प्रकाश डाला गया.




अन्य महत्वपूर्ण विषयों यथा-आपदा जोखिमों से निपटने की पूर्व तैयारी एवं समुदाय की भागीदारी, सुरक्षित शनिवार, डूबने की घटनाओं, सुरक्षित नौका परिचालन, सर्प दंश प्रबंधन एवं सुरक्षात्मक उपाय तथा वज्रपात जोखिम नमन एवं प्रबंधन पर पीपीटी प्रस्तुतीकरण एवं विडियो क्लिपिंग के द्वारा लगभग 107 प्रतिभागियों के साथ साझा किया गया. आज के संवेदीकरण कार्यक्रम में परियोजना पदाधिकारी डॉ जीवन कुमार, डॉ पल्लव कुमार, एसडीआरएफ के केके झा, यूनिसेफ के घनश्याम मिश्र आदि ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन से आपदाओं से निपटने की जानकारी दी. वहीं, कार्यक्रम का संचालन परियोजना पदधिकारी डॉ मधु बाला ने की.

प्राधिकारण के उपाध्यक्ष व्यास जी ने निम्न बातें कही

• मानसून के दौरान डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, एवं अभिभावकों को बच्चों पर विशेष ध्यान देना होगा
• बिना निबंधन की हुई नौकाओं का परिचालन पर प्रतिबंध सुनिश्चित हो
• टूटी-फूटी एवं जर्जर नावों/ डोंगियों का परिचालन प्रतिबंधित हो
• कोविड के प्रसार से बचाव हेतु Social Distancing, मास्क/गमछा का उपयोग एवं अन्य सभी मानकों अवश्य
का पालन अवश्य हो