बिहार को मार रहा है Cancer, पेशेंट्स के मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हम

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प्रतीकात्मक फोटो

लाइव सिटीज, पटना : बिहार कैंसर से प्रभावित देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है. बिहार से पहले उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र कैंसर पेशेंट्स की संख्या में अवाल नंबर पर हैं. बिहार और उत्तर प्रदेश तम्बाकू उत्पादों के सेवन के मामले में देश के सबसे बड़े राज्य हैं. इस वजह से इन राज्यों में कैंसर पेशेंट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है. ये बातें Indian Council of Medical Research (ICMR) के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के डाटा में सामने आई हैं.

देश में कैंसर पेशेंट्स की संख्या के लिहाज से साउथ इंडियन स्टेट्स ज्यादा बेहतर हैं. यहां के चार राज्यों कर्नाटक (202,156), आंध्र प्रदेश (159,696), तेलंगाना (115,333) और केरल (115,511) में साल 2016 में सामने आये मामले कुल मिलाकर भी इस मामले में सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश (674,386) से कम हैं. यूपी के बाद महाराष्ट्र (364,997) का नंबर आता है.



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ICMR के इस रिसर्च प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रवि मेहरोत्रा कहते हैं – यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कैंसर पेशेंट्स होने की बड़ी वजह इन राज्यों में पोल्यूशन ज्यादा होना है. उन्होंने बताया कि मुंह और फेफड़े के कैंसर की मुख्य वजह तम्बाकू का सेवन है, इस कारण भी यूपी-बिहार में कैंसर पेशेंट्स की संख्या ज्यादा है.

मेहरोत्रा के अनुसार देश में कैंसर के कुल 3.9 करोड़ मामलों में 40% मुंह और फेफड़े के मामले हैं, जिनका समय रहते इलाज कराने पर आसानी से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए हमें तम्बाकू उत्पादों पर नियंत्रण की सख्त जरुरत है.

केंद्र सरकार नेशनल हेल्थ मिशन के तहत देश के 100 जिलों में साल 2017-18 में डायबिटीज और कैंसर को लेकर कई तरह के प्रोग्राम चलाने जा रही है. National Programme for Prevention and Control of Cancer, Diabetes, Cardiovascular Diseases and Stroke (NPCDCS) के अंतर्गत सरकार का मुख्य उद्देश्य कैंसर के तीन मुख्य प्रकारों ब्रेस्ट, सर्वाइकल और ओरल कैंसर को नियंत्रित करना है. ICMR ने इसी साल एक स्टडी के बाद कहा था कि साल 2020 तक देश में 17.3 लाख कैंसर के नए मामले सामने आ सकते हैं. इस दौरान कैंसर से 8.8 लाख जानें जा सकती हैं. इन मौतों में बड़ी संख्या ब्रेस्ट, सर्वाइकल और ओरल कैंसर से पीड़ित मरीजों की ही होगी.