बिहार के नियोजित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ किया आंदोलन का ऐलान, पांच सितंबर को मनाएंगे अपमान दिवस

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के नियोजित शिक्षकों ने सरकार द्वारा दी गई सेवा शर्त के खिलाफ एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है. राज्य के नियोजित शिक्षकों ने सरकार पर न केवल धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है बल्कि पंचायत नगर और प्रारंभिक शिक्षकों ने आंदोलन का भी ऐलान कर दिया है.

बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ की राज्य स्तरीय बैठक में 4 सितंबर तक सभी मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम राज्य सरकार को दिया है अन्यथा पांच सिंतबर को चार लाख शिक्षकों द्वारा पूरे प्रदेश में अपमान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है. साथ ही चरणबद्ध आंदोलन चलाने का भी एलान किया गया है.



इस दौरान सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर स्कूल जाएंगे और शिक्षक दिवस समारोह का बहिष्कार करेंगे. उन्होंने बताया कि इसके बाद 12 सितंबर को राज्य के नियोजित शिक्षक सीएम, डिप्टी सीएम का सभी प्रखंडों में अर्थी जुलूस निकालेंगे वहीं 19 सितंबर को पूरे राज्य भर में मशाल जुलूस निकालकर विधानसभा और विधान परिषद चुनाव में एनडीए प्रत्याशियों को वोट नहीं देने का संकल्प लिया जाएगा. सरकार की इस घोषणा के बाद से ही राज्य भर के शिक्षक पिछले 5 दिनों से सेवा शर्त की प्रति जलाकर भी विरोध कर रहे हैं.

नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने कहा कि संघ के सभी पदाधिकारियों द्वारा राज्यस्तरीय बैठक में बिहार सरकार को चार लाख शिक्षकों के पूर्ण वेतनमान, राज्यकर्मी का दर्जा, पुराना सेवाशर्त, पेंशन सहित सभी सात सूत्री मांग को चार सितंबर 2020 तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया। मांग पूरा नहीं होने पर पांच सितंबर से राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ करने का एलान किया गया है.