पुनपुन में शराब बिक्री जोरों पर, घर-घर पहुंच रही है देशी और विदेशी शराब

फुलवारी शरीफ, लाइव सिटी : बिहार में  मद्य निषेध अधिनियिम एक्ट लागु हो चुका है. परन्तु शराब बिक्री और पीने का कारोबार निरंतर जारी है. इतना ही नही जब से बिहार में शराबबंदी हुई है तब से शराब का कारोबार व्यापक पैमाने पर फल-फूल रहा है. जिसका सिधा असर यहां के किसानों एवं कारोबारीयों पर पड़ रहा है. क्योंकि शराब बंदी से पहले सैकड़ों दैनिक मजदूरी करने वाले मजदुर रोजना की मजदूरी छोड़ शराब निर्माण में लगें हैं. क्योंकि इनकी रोजना की आमदनी सैकड़ों मे नही बल्कि हजारों में हो रही है.

अब ऐसे में ना कोई मजदूर खेतों में काम करने जाते हैं. और ना ही व्यापारियों के यहां दैनिक मजदूरी. अब ऐसे में किसान एवं व्यापारियों के सामने विकट समस्या उत्पन्न हो चुकी है. पुनपुन प्रखंड के किसान अर्जुन प्रसाद सिंह, गणेष प्रसाद, सिन्टु सिंह, अषोक सिंह, रामउजागर सिंह, दिनेष सिंह, अमरनाथ यादव, नितेष पाण्डेय, लालबाबु सिंह सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि अभी धान की कटनी होनी है. इसके लिए हमें मजदूरों की आवश्यकता होती है. परन्तु कोई भी मजदूर धान की कटनी करने को तैयार नही हैं.

उनका कहना है कि मालिक हमें दैनिक मजदूरी में दिन भर में तीन से चार सौ रूपयेा देते हैं. परन्तु शराब निर्माण करने से प्रति बोतल सौ रूपये से लेकर दौ सौ रूपये में बिक जाते हैं. जहां प्रतिदिन के हिसाब से हमारी रोजना आमदनी लगभग तीन से पांच हजार रूपये की हो जाती है.

मजदूरों की किल्लत

वही दूसरी तरफ व्यापारियों का भी मजदूर को लेकर यही हाल है. माल उतारने से लेकर चढ़ाने तक के लिए भी मजदूरों की बेहद किल्लत हो जाती है. किसी तरह अत्यधिक पैसे देकर काम करवाना पड़ रहा है. जिसका मुख्य कारण है मजदूरों का दैनिक मजदूरी छोड़ शराब निर्माण में लग जाना. इतना ही नही इस पुनपुन थाना क्षेत्र में विदेषी शराब की बिक्री भी जोरों पर है. जहां शराब की बड़ी खेप रोजना बड़े वाहनों से उतरती है और इसकी शराब माफियाओं के गुर्गों द्वारा होमडिलेवरी करवाई जाती है.  दूसरी तरफ शाम ढ़लते ही रोजाना शराबीयों की महफिल सज जाती है और पुलिस प्रशासन बेखबर नजर आती है.

चलती हैं शराब की सैकड़ों भठीयां

पुनपुन थाना क्षेत्र में शराब निर्माण एवं बिक्री की मानें तो यहां लगभग सैकड़ो भठीयां रोजाना संचालित होती हैं. जिसमें सर्वप्रथम पुनपुन थाना से महज कुछ ही दूरी पर श्रीपालपुर गाॅव का ठीकापर मुसहरी यहां प्रतिदिन रोजाना सैकड़ो लिटर शराब का निर्माण होता है. जिसे प्रतिदिन पटना राजधानी के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई कि जाती है.  इस गोरख धंधे का प्रतिकूल असर यहां के स्थानीय लोगों पर पड़ रहा है.

बताते चलें कि मुसहरी के ठीक बगल में चार विधानसभा को मिलाकर एक मात्र सरकारी एसएमडी काॅलेज हैं. जहाॅ सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन होता है. वही दूसरी ओर मुसहरी के पास ही इस प्रखण्ड का सबसे बड़ा द अर्थ पब्लिक स्कूल है.  स्कूली बच्चें इन्ही मुसहरी के रास्तों से होकर गुजरते हैं. जिसकी दुर्गंध बच्चों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है.

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अगर इस पुनपुन थाना क्षेत्र में शराब बिक्री एंव निर्माण कि बात करें तो यहां दर्जनों शराब भठियां संचालित है. जिसमें जोगापुर, अकौना मुसहरी, मुसनापर, श्रीपालपुर ठीकापर, छोटकी पैमारधाट, पुनपुन स्टेषन अलाउद्ीनचक, जटडुमरी, पोठही, लोदीपुर, समनपुरा आदि सामिल है.

पुनपुन थाना में शराब और भु-माफ़िया पुरी तरह हावी है. जहां हर गैर कानूनी धंधे के लिए थाने को मोटी रकम दी जाती है. जिसमें अनाज की कालाबजारी, शराब की तस्करी सहित कई गोरख-धंधे इस पुनपुन थाना क्षेत्र में पुलिस की मिलीभगत से संचालित हो रही है. वही पुलिस इस मामलों में अपनी चुप्पी साधे बैठी हैं.

पुनपुन से अजीत कुमार की रिपोर्ट 

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