बोले प्रिंसिपल फादर थॉमस- जरूरी नहीं कि विरासत में क्या मिला, जरूरत है कि तुम क्या दे रहे हो

ईश्वर और देश के लिए चमके : बीएड की विदाई

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पटना में वर्तमान शैक्षणिक बैच (2017-2019) के लिए इस सत्र का अंतिम दिन था. बीएड के प्रथम सत्र (2018-2020) के प्रशिक्षुओं ने आज 28 फरवरी 2019 को उनके लिए विदाई समारोह का आयोजन किया. सभी प्रशिक्षुओं के चेहरे मिश्रित प्रतिक्रिया से भरे थे क्योंकि वे अपने दो साल के प्रशिक्षण को पूरा करने के लिए एक ओर जहां खुश थे वही इस बात से दुखी थे कि अब उनको इस संस्थान को अलविदा कहना होगा.

भावी शिक्षक सत्र (2018-2020) द्वारा एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया. कार्यक्रम को एक प्रार्थना के साथ शुरू किया गया जिसके बाद एक स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया. सिमरन अग्रवाल और अमृता गुप्ता जो बीएड 2017-2019 विभाग की है ने अपने दो वर्षो के अनुभव को बताते हुए कहा कि हमें पिछले दो वर्षों से इस सम्मानित संस्था का एक हिस्सा होने पर गर्व है. नृत्य और विदाई गीत कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने रहे.

अपने संदेश में प्रिंसिपल प्रोफेसर थॉमस वर्गीस ने इस चुनौतीपूर्ण दुनिया में अपना सर्वश्रेष्ठ उदाहरण करने के लिए तैयार होने का ध्यान रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा, “आप सभी अब कॉलेज के आदर्श वाक्य को बनाए रखे और हमेशा ईश्वर और देश की सेवा के लिए काम करने के लिए तैयार हैं. सन्देश में कहा, “आप सभी इस संस्था के लिए आशीष रहे हैं, देश और प्रकृति को विकसित करने के क्षेत्र में अपना सबसे अच्छा योगदान दें ताकि एक अच्छे समाज का निर्मण हो सकें.

महाविद्यालय की भावना को हर जगह ले जाये और दीपक जैसे सभी को प्रकाश दे. ईश्वर और देश की सेवा में शिक्षा का प्रचार व प्रसार करे. उन्होंने प्रतिबद्ध और समर्पित संकाय सदयों की सराहना की और उनके साथ प्रशिक्षुओं के मूल्यों को ढालने के लिए धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सभी मूल्यों को अपने मन, हृदय, भावनाओं के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए और इस दुनिया में निरतर सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन के नाम को बनाये रखे.

कॉलेज प्रिंसिपल ने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे न केवल इस संस्था का हिस्सा हैं बल्कि वे अब वे कॉलेज के बड़े परिवार में शामिल हो गये हैं, जिन्हें सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन एल्यूमनी एसोसिएशन के सदस्य के रूप में जाना जायेगा, दुसरे चरण में सभी प्रशिक्षु जेसुइट एल्यूमनी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के सदस्य भी बन जाते है. साथ ही साथ वर्ल्ड यूनियन ऑफ़ जेसुइट एल्यूमनी एसोसिएशन (वुजा) के भी सदय बन जाते है. शिक्षण एक चुनौतीपूर्ण पेशा है और इसलिए अब दुनिया आपको मार्ग दर्शक के रूप में देखेगी.

अब से आप दूसरों की सेवा के लिए समर्पित है. जो भी आपने इन दो सालों में सीखा है उसका उचित अभ्यास करें और राष्ट्र के लिए अपने प्रशिक्षण के मूल्य को बनाएं. कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के सभी संकाय सदस्यों और भविष्य शिक्षकों ने देश के लिए काम करने की शपथ ली. अपने हाथों में प्रशिक्षुओं ने एक जलती हुई मोमबत्ती रख कर राष्ट्र के लिए समर्पित और प्रतिबद्ध शिक्षकों की शपथ ली. धन्यवाद ज्ञापन संतोष कुमार ने दिया जो बीएड विभाग 2017-2019 के प्रशिक्षु है.

सभी ने कॉलेज के प्रति अपना आभार व्यक्त किया. अपने अनुभव में संतोष कुमार ने कहा, “मैं इस कॉलेज को एक विशेष तरीके से याद रखूँगा क्योंकि मैंने इस कॉलेज में जीवन के लिए बहुत कुछ सीख लिया है. निहाल ने कहा, “अपने दैनिक दिनचर्या में कॉलेज को जरुर मिस करुँगा. टेरिन ने कहा, “जब मैं कॉलेज में शामिल हो गयी, तो मुझे बहुत सारी चीजें का भ्रम था लेकिन आज मैं कह सकती हूं कि मैं देश के लिए काम करने को तैयार हूं. अंतिम बार कॉलेज गान गाते समय बहुत सारे प्रशिक्षुओं की आँखों में आँसू भर आये.

सभी ने अपने संकाय सदस्यों का आशीर्वाद लिया. पूरा माहौल भावनाओं से भरा था क्योंकि यह कॉलेज में प्रशिक्षुओं के लिए अंतिम दिन था. अब, ये प्रशिक्षु विश्वविद्यालय की परीक्षाओं की तिथि घोषित होने का इंतजार करेंगे. 2 मार्च को इन्ही के लिए कॉलेज ने प्रशिक्षुओं के प्लेसमेंट की वय्वस्ता की है जिसमे पता और बहार के कुछ स्कूल आ कर भाग लेंगे.

कार्यक्रम में डॉ मधु सिंह, दीप कुमार, सुशील कुमार सिंह, फादर विक्टर, फादर इग्नेशियस, सपना सुमन, विक्रमजीत, निमिशा श्रीवास्तव, सुजाता, शोभा, विजयश्री, निवेदिता, स्मिता सभी फैकल्टी सदस्य उपस्थित थे.

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*