लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में जात के दल-दल में हर कोई फंसता जा रहा है. इन दिनों जात-पात की राजनीति कुछ ज्यादा ही हो रही है. जहां कोई किसी मामले में फंसता है या कोई आरोप लगता है तो वे जवाब देने के बजाय जाति के नाम पर बचना चाहते हैं. चाहे बात सुपर-30 के आनंद कुमार की हो अथवा मंत्री मंजू वर्मा की हो, चाहे मुजफ्फरपुर महापाप मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की हो. वे लोग बचने के लिए जात-पात का ही सहारा ले रहे हैं. बता दें कि मुजफ्फरपुर के तत्कालीन एसएसपी विवेक कुमार के मामले में ऐसा ही हुआ था.

सबसे पहले सुपर-30 के आनंद की बात करते हैं. वे इन दिनों आईआईटी में अपने सफल स्टूडेंट्स की लिस्ट नहीं दे पा रहे हैं. उनसे मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक सवाल कर रहे हैं. सबसे पहले इसे लाइव सिटीज ने ही उठाया था. सफल 30 बच्चों में वे आज तक सफल 26 बच्चों की लिस्ट नहीं दे पाये हैं. आनंद जब चारों तरफ से घिर गये तो कहा जाने लगा कि पिछड़ा होने के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है.

और तो और, उनके समर्थन में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ ही केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी आ गये. तेजस्वी यादव ने ट्वीट तो किया ही, आनंद से मिलने के लिए पटना के कुम्हरार स्थित आवास पर भी पहुंच गये. उनसे काफी देर तक बात भी की. वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी ट्वीट किया कि यह दुःखद है कि सुपर30 के संचालक आनंद कुमार के खिलाफ अभियान छेड़कर कुछ खास समूह उनकी छवि को धूमिल कर चरित्र हनन में लगे हैं. आनंद ने बिहार और भारत का नाम रौशन किया है, जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए.

आनंद कुमार की राह पर ही नीतीश सरकार में शामिल मंत्री मंजू वर्मा भी चल रही हैं. मुजफ्फरपुर मामले में उनके पति चंद्रशेखर वर्मा पर आरोप लगा है. बालिका गृह में उनके पति हमेशा जाते थे. इस मामले में जब वे घिर गयीं तो मीडिया के सामने जात की दुहाई देने लगी. उन्होंने मीडिया के सामने साफ कहा कि कुशवाहा जाति से आने के कारण उन्हें तंग किया जा रहा है. कुछ ऐसी ही स्थिति मुजफ्फरपुर मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की है. उनके समाज के लोगों को लग रहा है कि भूमिहार होने का दंश ब्रजेश ठाकुर झेल रहे हैं. सवर्ण होने के कारण उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.

बहरहाल आपको मुजफ्फरपुर के पूर्व एसएसपी विवेक कुमार का मामला भी याद होगा. वे आय से अधिक संपत्ति, विदेशी करेंसी रखने समेत अन्य मामलों में फंसे थे. उनके आवास पर लंबी छापेमारी हुई थी. घर, ससुराल समेत अन्य परिजनों के ठिकानों पर भी रेड हुई थी. इस मामले में भी बाद में यह सफाई दी गयी कि विवेक कुमार को कुशवाहा होने के कारण परेशान किया जा रहा है.