स्कूल ऑफ ग्लोबल एजुकेशन के बच्चों ने जाना, क्या होती है चिट्ठी, क्या होता है डाकघर

वर्ल्ड पोस्ट डे पर बच्चों ने पोस्ट बॉक्स.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : आज पूरी तरह डिजिटल युग आ गया है. लोग डाकघर को भूलते जा रहे हैं. केवल गाना में सुनते हैं कि ‘चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है…’ ऐसे में स्कूल ऑफ ग्लोबल एजुकेशन की ओर से वर्ल्ड पोस्ट डे पर मंगलवार को अपने बच्चों को चिट्ठी से लेकर डाकघर तक की जानकारी दी गई. इसके साथ ही स्कूल के बच्चों को पटना जीपीओ का विजिट भी कराया गया. पोस्टल डिपार्टमेंट के बारे में बारीकी से जानकारी दी गई.

दरअसल आज के बच्चे डिजिटलीकरण के युग में ईमेल तो जान लेते हैं. लेकिन पोस्ट आॅफिस, पोस्ट मास्टर और पोस्टमैन के बारे में भूलते जा रहे हैं. वर्षों पहले घरों में आनेवाली चिट्ठी उन्हें अब अजूबा लगता है. यह कहिए कि चिट्ठी लेखन से आज के बच्चे कटते जा रहे हैं. ऐसे में वर्ल्ड पोस्ट डे पर स्कूल ऑफ ग्लोबल एजुकेशन के बच्चों ने भारतीय डाक की गौरवशाली परंपरा से रूबरू हुए.

इसी कड़ी में स्कूल ऑफ ग्लोबल एजुकेशन के बच्चों ने पटना जीपीओ का विजिट किया. उनके साथ कई टीचर भी साथ में थे. पटना जीपीओ के विजिट के दौरान बच्चों को डाक टिकट, चिट्ठी लिखे जाने, पोस्ट किए जाने और उन्हें छांटकर गंतव्य तक पहुंचाने के प्रॉसेस को विस्तार से बताया गया. बच्चों ने अपने द्वारा बनाये गए पोस्ट बॉक्स के साथ डाक के कई अन्य पहलुओं को भी डिटेल्स में जाना.

पटना जीपीओ में पोस्ट बॉक्स के बारे में बच्चों को दी गई जानकारी…

बच्चों ने नजदीक से पोस्ट आॅफिस के काउंटर पर काम करते हुए लोगों को देखा. अंदर में पोस्टमैन को देखा कि वे किस प्रकार चिट्ठियों को छांटते हैं, उन्हें पार्सल करते हैं, ट्रेनों व वाहनों से बाहर के लिए भेजते हैं.

पटना जीपीओ में सिस्टम के बारे में जानकारी देते अधिकारी.

इस अवसर पर पटना जीपीओ प्रबंधन ने बच्चों को देखने व समझने में पूरा साथ दिया. बच्चों की हर जिज्ञासा को शांत किया. उनके सवालों को शालीनता से जवाब दिया. स्कूल प्रांगण में भी इसे लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किये गयो. इसमें बच्चों ने पोस्ट बॉक्स बनाकर अपनी प्रतिभा से हर किसी को वाह-वाह करने के लिए विवश कर दिया.

पटना जीपीओ का विजिट करते स्कूल आॅफ ग्लोबल एजुकेशन के बच्चे. 

 

पटना जीपीओ में स्कूल आॅफ ग्लोबल एजुकेशन के बच्चे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*