CM नीतीश कुमार ने रेल मंत्री से की जमालपुर इंस्टिट्यूट को रेल यूनिवर्सिटी बनाने की मांग

PIYUSH-GOYAL

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर के जमालपुर में रेल यूनिवर्सिटी खोलने का आग्रह केंद् सरकार से किया है. उन्होंने आज रविवार 12 अगस्त को पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से यह मांग की. मुख्यमंत्री ने कहा कि जमालपुर स्थित इंस्टीट‌्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग (IRIMEE) की जगह रेल यूनिवर्सिटी खोल दी जाए. नीतीश कुमार केंद्र सरकार से यह मांग बीते कई सालों से कर रहे हैं और आज उन्होंने फिर रेल मंत्री से यह बात कही है.

बता दें कि जमालपुर का यह रेलवे इंस्टिट्यूट देश के छह सेंट्रलाइज्ड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में से एक है, जहां रेलवे के अधिकारियों की ट्रेनिंग होती है. यह देश का सबसे पुराना इंस्टिट्यूट है, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में साल 1888 में हुई थी. तब यह एक टेक्निकल स्कूल के तौर पर स्थापित किया गया था. साल 2015 में रेलवे बोर्ड के एक सदस्य ने यूपीएससी को पत्र लिखकर इस संस्थान के लिए होने वाले स्पेशल क्लास रेलवे अपरेंटिस (SCRA) एग्जाम को बंद करने और इसके द्वारा बहाली न करने की बात कही थी. अगस्त 2015 में इस पत्र के सामने आने के बाद बड़ा हंगामा खड़ा हो गया था.

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उस वक्त यह कहा जा रहा था कि जब केंद्र सरकार देश के युवाओं को पढ़ाने-आगे बढ़ाने की बात कर रही है, तभी देश के इस प्रीमियर इंस्टिट्यूट को क्यों बंद किया जा रहा है. संस्थान से निकलने वाले इंजीनियरों की मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री में बड़ी डिमांड थी. यहां के इंजीनियर भारत ही नहीं, विदेशों के भी रेलवे सिस्टम में बड़े पदों पर पहुंचे हैं. तब भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तत्कालीन रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु को दो बार पत्र लिखकर संस्थान और SCRA एग्जाम को बंद ना करने की मांग की थी.

नीतीश कुमार ने 7 अगस्त 2015 को लिखे अपने पत्र में प्रभु से जमालपुर के संस्थान को यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की मांग की थी. नीतीश कुमार ने कहा था कि इस परीक्षा के जरिए साल 1927 से ही भारतीय रेलवे में बेहतरीन अफसर आ रहे हैं. रेलवे की यह परीक्षा UPSC के सिविल सर्विसेज एग्जाम के समकक्ष मानी जाती है. हालांकि इस हंगामे के बाद रेलवे बोर्ड ने साफ किया था कि संस्थान को बंद करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है.

नीतीश कुमार ने इस मौके पर अपने रेलमंत्रित्व काल को याद करते हुए कहा कि अरसा बाद रेलवे के किसी कार्यक्रम में रेल मंत्री के साथ शामिल होने का मौका मिला है. जब मैं रेल मंत्री था तो देश के कई जगहों में कार्यक्रम में शामिल होता था और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इन कार्यक्रमों में सहर्ष शामिल होते थे. उन्होंने कहा कि उस दौरान कैबिनेट से पारित कराने के बाद कई तरह की परेशानियां होती थीं, लेकिन अटल जी का ऐसा आशीर्वाद प्राप्त था कि रेल मंत्रालय का कोई भी प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं अटकता था. देश के कई जगहों पर ऐसे कई महासेतु का निर्माण अपने रेल मंत्रित्वकाल में मैंने कराने की कोशिश की.

रेलमंत्री के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बिहार से संबंधित कई योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया है. रेल मंत्री ने बिहार से संबंधित कई योजनाओं के प्रति भी सकारात्मक रुख अपनाया है, रेल मंत्री ने बिहार में ऊर्जा क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों में किये जा रहे कामों की प्रशंसा की है, यह उत्साहवर्द्धन करने वाली बात है. पटना साहिब से पटना घाट तक रेलवे की जमीन बिहार सरकार को सड़क निर्माण हेतु दिये जाने की सहमति के लिए भी रेल मंत्री को धन्यवाद दिया.

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