चुनावी सभा में नीतीश कुमार ने भरी हुंकार, कहा- हम अपना काम करते रहेंगे, जिन्हें जो बोलना है बोलते रहे

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:  सीएम नीतीश कुमार लगातार चुनावी सभाएं कर रहे हैं. इसी कड़ी में सीएम आज सारण के मढ़ौरा विधानसभा पहुंचे. यहां जेडीयू प्रत्याशी के लिए वोट मांगा. साथ ही विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सिर्फ वोट लेने में विश्वास रखते हैं. उन्हें काम करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.

नीतीश कुमार ने कहा कि पहले महिलाओं को कोई पूछता तक नहीं था. उन्हें किसी भी क्षेत्र में रोजगार नहीं दिया जाता था. लेकिन जब से हम सरकार में आए हैं. तब से महिलाओं को सम्मान दिया जाता है. उन्होंने कहा कि हमने पंचायत राज में महिलाओं को 50 परसेंट तक आरक्षण दिया. आज देख लीजिए, महिलाएं जनप्रतिनिधि बनकर सामने आ रही हैं. सीएम ने ये भी कहा कि अब तो पुलिस विभाग में भी महिलाओं की नियुक्ति होने लगी है. पटना की सड़कों पर आप देख लीजिए, कितनी महिला पुलिस जनता की सेवा में लगी हैं.



सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम तो छोटे से ही मानते आ रहे हैं कि जो उर्दू जानते हैं, उनकी भाषा अच्छी हो जाती है. हमें किसी ने नहीं पढ़ाया. उनहोंने कहा कि हम तो इमरजेंसी के समय में जब जेल में थे तभी जेल के अंदर ही कुछ लोगों ने मुझे कुछ-कुछ सिखाया. तब हमे उर्दू भाषा की समझ आई. सारे मीडिल स्कूल में उर्दू भाषा के लिए टीचर रखा. ताकी लोगों की भाषा बेहतर हो सके. उन्होंने कहा कि लेकिन कुछ लोगों ने इसपर भी हमारी खूब आलोचना की.

सीएम ने आगे कहा कि हमने मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार योजना शुरू किया. इसके लिए लोगों को सहायता दिया. 14 हजार 464 युवाओं ने इसका लाभ लिया. इसके अलावा अब हर जिले में अलप्संख्यक आवासीय विद्यालय योजना की शुरुआत करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि दरभंगा में काम शुरू भी हो चुका है. हर जगह काम कर रहे हैं. लेकिन जो हमारे खिलाफ बोलते हैं, उन्हें बोलने दीजिए. उनलोगों का काम बस वोट लेना है. काम करना नहीं है.


हमने सूफी संतों के लिए कार्यस्थल का निर्माण कराया. हमने महान हस्तियों के नाम पर सरकारी भवन का नाम दिया. बिहार के मुखिया ने कहा कि हमने अतिपिछड़ा समाज के उत्थान के लिए काम किया. इसके लिए हमने उधमी योजना की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि अगर वो कोई काम करना चाहेंगे तो उन्हें दस लाख रुपये की मदद की जाएगी. साथ ही 5 लाख रुपये बिना टैक्स के कर्ज दिए जाएंगे. हमने परिवहन के क्षेत्र में भी काम किया. ताकी लोग लोन लेकर गाड़ी खरीदे और व्यापार करें. लेकिन बोलने वालो को क्या कहा जाए. उन्हें तो बस सिर्फ बोलने से मतबल है.