लाइव सिटीज, ( देवांशु प्रभात ) : मौलाना मजहरूल हक अरबी एंड फारसी यूनिवर्सिटी के भवन का शिलान्यास बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने किया. मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, वाइस चासंलर खालिद मिर्जा समेत कई लोग मौजूद रहे. यूनिवर्सिटी के लिए मीठापुर शिक्षा प्रक्षेत्र में 5.04 एकड़ जमीन राज्य सरकार की तरफ से दी गई है.

वहीं सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि मौलाना मजहरूल हक अरबी एंड फारसी यूनिवर्सिटी देश का पहला अरबी और फारसी यूनिवर्सिटी है. आज इसके भवन का शिलान्यास किया गया है. जिसका निर्माण कार्य 15 अगस्त 2020 तक पूरा हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि नवंबर 2005 को मुझे जानकारी मिली कि मौलाना मजहरूल के नाम पर यूनिवर्सिटी तो बन गई, लेकिन ये काम नहीं कर पा रहा है. तब पता चला कि इस यूनिवर्सिटी का नोटिफिकेशन ही नहीं हुआ है. साल 2008 में हमने मौलाना मजहरूल हक अरबी एंड फारसी यूनिवर्सिटी के लिए अलग से जमीन भी दे दी थी, पर मामला कोर्ट में चला गया. चाहकर कर भी भवन नहीं बन पा रहा था.

मीठापुर शिक्षा प्रक्षेत्र में चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी, इग्नू का सेंटर बन गया. जिसके बाद सीएम को लगा कि इसी प्रक्षेत्र में मौलाना मजहरूल हक अरबी एंड फारसी यूनिवर्सिटी का भवन बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि सही मायने में ये यूनिवर्सिटी साल 2008 से चल रहा है. यूनिवर्सिटी बनाने का निर्णय साल 1992 में लिया गया था. लेकिन निर्णय लेकर इसे छोड़ दिया गया था. लेकिन यूनिवर्सिटी को कारगर हम लोगों ने बनाया है.

बता दें कि मौलाना मजहरूल हक अरबी और फारसी यूनिवर्सिटी की स्थापना का एलान साल 1992 में किया गया था. और 1998 से यह यूनिवर्सिटी चल रही है. मौजूदा वक्त में यूनिवर्सिटी में एमबीए, बीएड, बीसीए, बीबीए, बीजेएमसी, बीएलआईएस कोर्स, 6 पीजी कोर्स, 5 डिप्लोमा और 6 सर्टिफिकेट कोर्स करवाया जाता है. अरबी और फारसी में डिप्लोमा करने के लिए ज्यादा छात्र इस यूनिवर्सिटी का रूख करते हैं. इस यूनिवर्सिटी से बीएड के कुल 30 कॉलेज, डिग्री कोर्स के 2 कॉलेज और 120 मदरसा का एफिलिएशन प्राप्त है.