लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजित शिक्षकों की हड़ताल पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. नीतीश कुमार ने कहा कि किसी सूरत में नियोजित शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों की तरह वेतन नहीं दे सकते. हम उनका वेतन बढायेंगे लेकिन दबाव के सामने नहीं झुकेंगे. विधान परिषद में नीतीश ने कहा कि हम शिक्षकों के खिलाफ नहीं है. खिलाफ रहते तो शिक्षामित्र से नियोजित शिक्षक बनाते. शिक्षामित्र 1500 रूपये में काम करते थे. हमारा राज आया तो हमने क्या सब नहीं किया. पहले वेतन 4-5 हजार रूपया किया फिर वहां से शुरू करके 28-39 हजार तक ले गये. फिर भी लोग हम पर ही आरोप लगा रहे हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि नियोजित शिक्षक सुप्रीम कोर्ट गये थे. लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की नीति की तारीफ की. क्या सुप्रीम कोर्ट से उपर कोई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा  “हमें नहीं लग रहा है कि नियोजित शिक्षकों को लेकर राज्य सरकार का फैसला कहीं से भी भेदभाव पूर्ण है या फिर कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है. राज्य सरकार शिक्षा को लेकर सही दिशा में बढ़ रही है. नियोजित शिक्षकों की संख्या लाखों में है लेकिन सरकारी शिक्षकों की संख्या कुछ हजार है. नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन से शिक्षा को लेकर सरकार की मुहिम को नुकसान पहुंचा सकता है.”

‘आप परीक्षा के समय हड़ताल करोगे, ये क्या है, क्या सेंस है’

विधान परिषद में नीतीश कुमार ने कहा कि हम लोग बराबर तनख्वाह बढ़ाते हैं और बढ़ाना चाह रहे थे. लेकिन अभी मैट्रिक-इंटर परीक्षा के समय पर उन्होंने हड़ताल किया. आप टीचर हो, आपका काम है बच्चों को पढ़ाना या बच्चों को नुकसान पहुंचाना. हम आपका पैसा आगे और बढ़ायेंगे चिंता न करें लोग. लेकिन आप परीक्षा के समय हड़ताल करोगे. ये क्या है, क्या सेंस है.

‘लोगों की सारी सुविधा खत्म कर दें, सब आपको दे दें’

नीतीश कुमार ने कहा कि आप चार लाख नियोजित शिक्षक हो, बिहार में 12 करोड़ लोग हैं. सब कुछ नियोजित शिक्षकों को ही दे दें. हम सड़क-बिजली, पानी सब बंद कर दें. लोगों की सारी सुविधा खत्म कर दें. सब आपको दे दें. आपकी सोंच क्या है भाई. शिक्षकों याद कर लेना कि हमने कहां से कहां पहुंचा दिया. 1500 से कहां पहुंचा दिये. लेकिन आप सरकारी शिक्षकों की तरह वेतन मांगोगे तो हम कहां से पैसा लायेंगे. हमारे साथ क्या क्या नहीं किया जा रहा है. फिर भी हम बर्दाश्त कर रहे हैं. हमसे जितना होगा उतना करेंगे. लेकिन आप जो कर रहे हैं वो गलत है.

‘हमसे जो बन पड़ेगा वो करेंगे’

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियोजित शिक्षकों से जरा पूछिये कि सुप्रीम कोर्ट में कौन कौन वकील ले गये थे. कितने बड़े-बड़े वकील ले गये थे. हमारे पक्ष से कितने वकील थे. कहां से पैसा आया. बहुत बात कहने को है लेकिन नियोजित शिक्षकों को जो भी करना है करें, लेकिन हम बुरा नहीं करेंगे. हमसे जो बन पड़ेगा वो करेंगे. हमारी सहानुभूति है, हम हित में काम करेंगे. लेकिन अगर आप छात्र-छात्राओं का अहित करेंगे तो लोग देख लेंगे.

‘शिक्षक जो कर रहे हैं वो गैरकानूनी है’

नीतीश कुमार ने कहा कि शिक्षक जो कर रहे हैं वो गैरकानूनी है. हम सहानुभूति रखते हैं. मेरे जगह कोई दूसरा रहता को रिएक्ट करता. हम वोट की चिंता नहीं करते. जो ज्यादा छापते हैं शिक्षकों के बारे में वे जाकर सर्वे कर लें. लोगों के मन में कितना गुस्सा है. उन्होंने कहा कि जो शिक्षकों के हमदर्द बन रहे हैं वही अयोग्य शिक्षकों का आरोप लगाते थे. हमने शिक्षकों की जान बचायी. शिक्षक उनके फेरे में नहीं पड़ें. वे छात्रों को पढ़ाने का काम करें. बाकी हम देख लेंगे.