कांग्रेस ने प्राथमिकी मामले में नीतीश सरकार को घेरा, कहा- बिहार में साइकिल चलाना कब से हो गया अपराध

लाइव सिटीज, पटना : बिहार में साइकिल रैली निकाले जाने को लेकर कांग्रेस के 100 से अधिक लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है. इसमें पांच नेता नामजद आरोपी हैं. यह रैली 17 जुलाई को महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की ओर से निकाली गई थी. यह प्राथमिकी गांधी मैदान थाने में दर्ज करायी गयी है. अब इस प्राथमिकी पर बिहार के कांग्रेस नेता सवाल उठा रहे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेर रहे हैं.

कांग्रेस के वरीय नेता व विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूछा है कि पटना में साइकिल चलाना कब से गैरकानूनी हो गया, वह भी गैर प्रतिबंधित क्षेत्र में? कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने इसे लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने तंज कसते हुए यह भी लिखा है- ‘जिस तरह से कांग्रेसी नेताओं पर छह विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है, वैसा सत्ता से हटते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेताओं पर भी होगा.’ बता दें कि प्राथमिकी में प्रेमचंद मिश्रा के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, विधायक दल के नेता अजीत शर्मा समेत निखिल कुमार के भी नाम हैं.

गौरतलब है कि महंगाई के खिलाफ 7 जुलाई से ही कांग्रेस का राज्यव्यापी प्रदर्शन चल रहा था. पटना समेत जिलों में भी मार्च निकाले जा रहे थे. इसी क्रम में 17 जुलाई को समापन के दिन पटना में वरीय नेताओं का जमावड़ा हुआ था. साइकिल रैली निकाली गई थी. बाद में गांधी मैदान में यह रैली सभी में तब्दील हो गई. बिना अनुमति के रैली निकाले जाने पर प्रशासन की ओर से कांग्रेस नेताओं के खिलाफ गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.