कोरोना महामारी हर सेक्टर में मचा रही तबाही, पटना में शिक्षा विभाग का चौंकाने वाला खुलासा

लाइव सिटीज, पटना : बिहार में कोरोना की दूसरी लहर हर सेक्टर में तबाही में मचा रहा है. शिक्षा विभाग का खुलासा चौंकाने वाला है. मिल रही जानकारी के अनुसार, राजधानी पटना में और सिर्फ अप्रैल माह में 28 शिक्षकों की मौत कोरोना बीमारी से हो गई है. शिक्षा विभाग की की जारी रिपोर्ट से इसकी जानकारी मिली है. इस पर प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने चिंता जताई है.

दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर लोगों की तेजी से जान ले रही है. इसमें स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों के अलावा शिक्षकों की भी कई स्टेज पर तैनाती की गई है. शिक्षक संगठनों की मानें तो शिक्षकों और स्टाफ को केवल अस्पतालों में इलाज के काम में नहीं लगाया गया है. बाकी सभी कामों में ड्यूटी लगाई गई है.

राशन वितरण की मॉनिटरिंग, रेलवे स्टेशनों पर ड्यूटी, कोविड सेंटरों में टेली-काउंसलिंग से लेकर कई जगहों पर फाइन काटने समेत क्वारंटाइन सेंटर में रहनेवाले लोगों की देखरेख आदि में शिक्षा विभाग के लोगों को लगाया गया है. यूं कहें कि कार्यालयों से लेकर फील्ड तक की ड्यूटी उनसे ली जाती है. इसी दौरान शिक्षा विभाग के लोग संक्रमित भी हो रहे हैं और उनमें से कइयों की जान भी जा रही है.

मिल रही जानकारी के अनुसार, सिर्फ पटना में अप्रैल में 28 शिक्षकों की मौत हुई है. इनमें बाढ़ के सहायक शिक्षक कमला सिन्हा व राज कुमार राय, बेलछी के प्रखंड शिक्षक संजीत कुमार, महेंदू की अर्चना तिवारी, मोकामा के भुवन भास्कर, मसौढ़ी की कंचन कुमारी व मुकेश प्रसाद, मनेर के संजीव कुमार मिश्र, बिहटा की रामेश्वरी कुमारी, विक्रम के राजेंद्र चौधरी व उरैशा खातून, पंडारक के सन्नी व दीपक कुमार, पुनपुन के शिवशंकर प्रसाद यादव व सुनील कुमार, पटना सदर के देवदास, धनंजय कुमार, उपासना, अजीत कुमार, अजय कुमार व विष्णु राम, दनियावां की सुनंदा सुमन, दानापुर के अब्दुल करीम अंसारी, दुल्हिन बाजार के चंद्रशेखर कुमार, चौक की गजाला, नौबतपुर के राम विनय और पटना के वासुदेव प्रसाद के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं.