बिहार में पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 36 हजार 524 सैंपल की हुई कोरोना जांच, सूचना सचिव अनुपम कुमार ने दी जानकारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सूचना एवं जन सम्पर्क सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार, सचिव जल संसाधन संजीव हंस एवं अपर सचिव आपदा प्रबंधन रामचंद्र डू ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अद्यतन जानकारी दी. सूचना एवं जन-सम्पर्क सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार द्वारा लगातार पूरी तत्परता के साथ सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. मुख्यमंत्री के निर्देष पर टेस्ट की संख्या लगातार बढ़ायी जा रही है. पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 36 हजार 524 सैंपल की कोरोना जांच की गयी है. सभी मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल, सभी जिला एवं अनुमण्डल अस्पताल और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कोरोना की जांच की जा रही है. क्वालिटी ऑफ ट्रीटमेंट भी लगातार बेहतर हो रहा है. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसत 2.13 प्रतिशत है, जबकि बिहार का औसत मात्र 0.57 प्रतिशत है. उन्होंने बताया कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सजग एवं सतर्क रहने की जरूरत है.
सूचना सचिव ने बताया कि रोजगार सृजन पर भी सरकार का पूरा ध्यान है और लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 12 करोड़ 46 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है.


सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि कोरोना संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 1,871 लोग स्वस्थ हुए हैं और अब तक 38,508 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं. बिहार का रिकवरी रेट 64.65 प्रतिशत है. 02 अगस्त को कोविड-19 के 2,297 नये मामले सामने आये हैं।.वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 20,722 एक्टिव मरीज हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 36,524 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 6,48,939 है.




अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बताया कि सरकार द्वारा 1 अगस्त से लागू अनलॉक-3 के तहत जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 01 कांड दर्ज किये गये हैं और 02 व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है। इस दौरान 623 वाहन जब्त किये गये हैं और 15 लाख 46 हजार 900 रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 4,531 व्यक्तियों से 02 लाख 26 हजार 550 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है. कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नये दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं.


जल संसाधन विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गंडक नदी में आज 12 बजे दिन में 1,72,200 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृति बढ़ने की है. पिछले 24 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में बक्सर, गांधी घाट, हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर एवं कहलगांव में क्रमशः 12 सेंटीमीटर, 14 सेंटीमीटर, 12 सेंटीमीटर, 8 सेंटीमीटर, 13 सेंटीमीटर, 7 सेंटीमीटर एवं 4 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। गंगा नदी का जलस्तर गांधी घाट में आज सुबह 6 बजे 47.78 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 0.82 मीटर नीचे है. कोसी नदी का आज 12 बजे दिन में 1,71,650 क्सूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति स्थिर है. कोसी नदी का जलस्तर बलतारा अवस्थित गेज स्थल के पास 35.90 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 33.85 मीटर ऊपर है. सोन नदी का आज 12 बजे दिन में 19,353 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है. बागमती नदी का जलस्तर ढ़ेंग, सोनाखान, डूब्बाधार, कटौंझा, बेनीबाद एवं हायाघाट स्थलों पर खतरे के निशान से क्रमशः 0.22 मीटर, 0.11 मीटर, 0.07 मीटर, 1.83 मीटर, 0.96 मीटर एवं 2.24 मीटर ऊपर है एवं कनसार/ चंदौली गेज स्थल पर जलस्तर खतरे के निशान से 0.36 मीटर नीचे है. कमला बलान नदी का जलस्तर जयनगर वीयर एवं झंझारपुर रेल पुल के डाउनस्ट्रीम के पास खतरे के निशान से क्रमशः 0.35 मीटर एवं 1.60 मीटर ऊपर है. महानंदा नदी का जलस्तर ढ़ेंगराघाट गेज स्थल पर खतरे के निशान से 0.80 मीटर ऊपर है एवं तैयबपुर में खतरे के निशान से 0.70 मीटर नीचे है.

अधवारा नदी का जलस्तर सुंदरपुर एवं पुपरी गेज स्थल पर खतरे के निशान से क्रमशः 0.75 मीटर एवं 0.21 मीटर ऊपर है तथा सोनवर्षा गेज स्थल पर खतरे के निशान से 2.90 मीटर नीचे है.बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर सिकंदरपुर, समस्तीपुर रेलपुल, रोसड़ा रेलपुल एवं खगड़िया पर खतरे के निशान से क्रमशः 1.19 मीटर, 2.82 मीटर, 3.92 मीटर एवं 1.18 मीटर ऊपर है. बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने के कारण मुजफ्फरपुर के सकरा के पास नया उच्चतम जलस्तर 51.42 मीटर दर्ज हुआ, जो पूर्व के उच्चतम जलस्तर से 55 सेंटीमीटर अधिक है. इसके साथ ही समस्तीपुर के रोसड़ा के पास नया उच्चतम जलस्तर 46.47 मीटर दर्ज हुआ, जो पूर्व के उच्चतम जलस्तर से 12 सेंटीमीटर अधिक है.


जारी विज्ञप्ति के अनुसार पूर्वी चंपारण के चकिया प्रखंड अंतर्गत बूढ़ी गंडक नदी के दायें तटबंध के पीछे निर्मित रिटायर्ड बांध के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मती करा ली गयी है. मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड में 30 जुलाई की रात्रि में क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मती का कार्य कराया जा रहा है. गंडक नदी के दायें तट पर निर्मित तटबंध के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मती करायी जा रही है एवं बायें तट पर भवानीपुर के निकट हुए टूटान स्थल पर ब्रीच क्लोजर पूर्ण कराया जा चुका है तथा सुदृढ़ीकरण की कार्रवाई की जा रही है. तटबंध/छड़की के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मती को लेकर अतिरिक्त अभियंताओं का दल भी टूटान स्थल पर भेजा गया है. मुख्यालय स्तर से अभियंता प्रमुख, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण 24 जुलाई से गोपालगंज में कैंप कर सभी कार्यों का पर्यवेक्षण कर रहे हैं. अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) मोतिहारी में कैंप कर मुजफ्फरपुर क्षेत्र के सभी कार्यों का पर्यवेक्षण कर रहे हैं. विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य अभियंता गोपालगंज परिक्षेत्राधीन सारण तटबंध सारण, भैसही पुरैना छरकी, बंधौली शीतलपुर फैजुल्लाहपुर जमींदारी बांध एवं बैकुंठपुर रिटायर्ड लाईन तथा मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर परिक्षेत्राधीन चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त भाग को छोड़कर शेष बिहार में विभिन्न नदियों पर अवस्थित तटबंध सुरक्षित है. जल संसाधन विभाग द्वारा सतत निगरानी एवं चैकसी बरती जा रही है.


आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 14 जिले के कुल 114 प्रखंडों की 1,082 पंचायतें प्रभावित हुयी हैं, जहां आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. पूर्वी चम्पारण में 02, गोपालगंज में 11, खगड़िया में 01 और समस्तीपुर में 05 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. इन सभी 19 राहत शिविरों में कुल 17,554 लोग आवासित हैं. उन्होंने बताया कि 1,358 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 9,43,293 लोग भोजन कर रहे हैं। सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव का कार्य कर रही हैं और अब तक प्रभावित इलाकों से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बोट्स के माध्यम से करीब 4,18,490 लोगों को निष्क्रमित किया गया है. उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को ग्रेचुटस रिलीफ के अंतर्गत 6,000 रूपये की राशि दी जाती है और अभी तक 2,71,407 लाख परिवारों के बैंक खाते में कुल 162.84 करोड़ रूपये जी0आर0 की राशि भेजी जा चुकी है. ऐसे परिवारों को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया गया है. मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट करा दिया गया है. उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है.