मुजफ्फरपुर महापाप : सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, ब्रजेश की पत्नी को राहत

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह कांड मामले में कार्ट ने आज बड़ा फैसला लिया है. कोर्ट ने इस मामले में सभी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है. वहीं कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की पत्नी को कार्ट ने राहत दी है. बालिका गृह कांड में सीबीआई ने भी अपनी जांच प्रक्रिया तेज कर दी है. आज सीबीआई ने बालिका गृह के चप्पे—चप्पे में सर्च अभियान चलाया है.

सबकी जमानत याचिका खारिज

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के सभी आरोपियों की जमानत अर्जी पर मुजफ्फरपुर पॉक्सो कोर्ट में आज शुक्रवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने सभी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. वही कोर्ट ने इस मामले में जेल में बंद आरोपी संतोष को बीएसएससी की परीक्षा देने की अनुमति दे दी है. कोर्ट के आदेश के बाद अब वह परीक्षा दे सकता है.

कोर्ट ने ब्रजेश की पत्नी आशा ठाकुर को भी राहत दिया है. कोर्ट ने उन्हें सभी फ्रिज खातों और लॉकर को खोलने की अनुमति दे दी. बता दें कि ऐसा पहले से ही लग रहा था कि कोर्ट उन्हे राहत देगा क्योंकि सीबीआई की ओर उन्हे लेकर किसी प्रकार की दलील नहीं पेश की गई थी. सीबीआई द्वारा आज भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं किया जा सका. वही, अश्वनी के वकील ने जमानत के लिए याचिका दाखिल की है. इस मामले में सुनवाई 14 दिसंबर को होगी.

सीबीआई ने ली शेल्टर होम की तलाशी

सीबीआई के एडिशनल एसपी ने बालिका गृह के भवन के पानी टंकी में लड़की को मारकर रख देने की सूचना थी. इसी को लेकर आज सीबीआई की टीम ने अंदर से सेम्पल लिए हैं.

एसएफएल टीम ने आज इन सेम्पलों को यहां से कलेक्ट किया. बता दें कि सीबीआई की टीम लड़कियों के लापता होने को लेकर सबूत जुटा रही है. आपको बता दे कि 10 दिसंबर के बाद इस बालिका गृह को तोड़ देने का आदेश भी दिया गया है.

19 गाड़ियों को नहीं चल सका है पता

गायब गाड़ियों के बारे में जानकारी देते हुए डीटीओ नशिर अहमद ने जानकारी दी है कि इन 19 गाड़ियों का कोई भी सुराग नहीं मिल रहा है. उन्होंने बताया कि ये गाड़ियां ब्रजेश ठाकुर की एनजीओं ने सेवा संकल्प एवं विकास समिति के तहत खरीदें थे. आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की 35 गाड़ियों को DM ने जब्त करने का आदेश दिया था. इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई. ऐसी जानकारी है कि जब्त होने से पहले शातिरों ने सभी गाड़ियों को कबाड़ी में बेच दिया है. यह 35 गाड़ियां आरोपी ब्रजेश के साथ – साथ वहां काम करने वाले लोगों के नाम पर भी निकालीं गई थी.

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