प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक डिमांड बेस्ड टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध, सूचना सचिव अनुपम कुमार ने दी जानकारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सूचना एवं जन सम्पर्क सचिव अनुपम कुमार, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण सचिव विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार, अपर सचिव आपदा प्रबंधन रामचंद्र डू एवं जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी दी. सूचना एवं जन-सम्पर्क सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 एवं बाढ़ की वर्तमान स्थिति से निपटने को लेकर सरकार द्वारा पूरी सजगता, पूरी क्षमता और पूरी तत्परता के साथ सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. टेस्टिंग क्षमता लगातार बढ़ायी जा रही है और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक डिमांड बेस्ड टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है. बेड कैपिसिटी और विशेष रूप से ऑक्सीजनयुक्त बेड की सुविधा लगातार बढ़ायी जा रही है. नये हॉस्पिटल्स डेवलप किये जा रहे हैं. इसके अलावा क्वालिटी ऑफ ट्रीटमेंट बढ़ाने के लिए भी कई आवश्यक कदम उठाये गये हैं.


अनुपम कुमार ने बताया कि हॉस्पिटल्स में बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासनिक पदाधिकारियों की टीम लगायी गयी है ताकि लोगों को कठिनाई न हो. प्राइवेट हॉस्पिटल्स में बेड मैनेजमेंट के लिए प्रशासनिक पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. हॉस्पिटल्स में एडमिट की प्रक्रिया में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए ‘मे आई हेल्प यू’ बूथ या रिसेप्शन की सुविधा प्रदान करने की कार्रवाई की जा रही है. आज यह निर्णय लिया गया है कि कंट्रोल रूम से प्रतिदिन सभी मरीजों को कॉल करके उनके स्वास्थ्य की स्थिति, डॉक्टर्स विजिट, दवा की उपलब्धता और अन्य समस्याओं के संबंध में जानकारी ली जाएगी. किसी मरीज द्वारा यदि कोई समस्या बतायी जाएगी तो तत्काल उसका निराकरण किया जाएगा. कोविड-19 इलाज से संबंधित सभी हॉस्पिटल्स में इसके लिए व्यवस्था की जा रही है.




खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण सचिव विनय कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में राज्य सरकार ने एक अभूतपूर्व निर्णय लिया था कि राज्य में जितने भी श्रमिक लौटकर आये हैं और पहले से छूटे हुए यहां जो लोग हैं, उन सभी को नये राशन कार्ड निर्गत किये जायें ताकि इन सभी को खाद्य सुरक्षा मिल सके. इसके लिए अभियान चलाकर 23 लाख 38 हजार 990 परिवारों को नये राशन कार्ड निर्गत किये गये. इसमें से कल तक 22 लाख 45 हजार से अधिक राशन कार्ड लाभुक परिवारों के बीच वितरित किये जा चुके हैं. जुलाई महीने से जो नये चक्र में राशन बंट रहे हैं, उसमे ये सभी 23 लाख 38 हजार 990 राशन कार्डधारी लाभुक परिवार शामिल हो गये हैं. इन परिवारों को जुलाई महीने से जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत 5 किलोग्राम अनाज प्रति परिवार प्रति सदस्य की दर से के साथ-साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत भी उतनी ही मात्रा में मुफ्त अनाज और प्रति परिवार एक किलोग्राम चना या दाल का लाभ दिया जा रहा है. पिछले महीने राज्य में 1 करोड़ 40 लाख राशन कार्डों के विरुद्ध राशन वितरण किया गया था. सभी राशन कार्डधारियों ने अपने अंगूठे के निशान के साथ-साथ बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया और उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ राशन कार्ड के विरुद्ध राशन दिया गया. वन नेशन, वन राशन कार्ड में बिहार शामिल है और बिहार के कई लोग दूसरे राज्यों में तथा दूसरे जिले में अपने राशन कार्ड का प्रयोग कर अनाज ले रहे हैं.


विनय कुमार ने बताया कि आज भी अगर कोई लाभुक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में है और वह छुटा हुआ है तो उसे राशन कार्ड मिलेगा, इसके लिए लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत छूटे हुए लोगों का आवेदन लिया जाएगा. राज्य के कई जिले में पीडीएस डीलर्स की रिक्तियां हैं, इसके लिए जिला प्रशासन को नये लाइसेंस निर्गत करने हेतु निर्देश दिया गया है और इसपर कार्रवाई चल रही है. उन्होंने बताया कि एफसीआई के गोदाम से लेकर अनाज की ढुलाई, भंडारण और लाभुक परिवारों के बीच राशन वितरित करने की पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटराइजड है. हर ट्रक की जीपीएस ट्रैकिंग लगातार होती रहती है. आधार ऑथेंटिफिकेशन के बाद अब कोई दूसरे का अनाज नहीं उठा सकता है इसलिए गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने बताया कि विभाग का अगला कदम है राशन वितरण में अनाज के वजन को सुनिश्चित करना ताकि सही मात्रा में सही गुणवत्ता का अनाज लाभुक परिवारों को मिले. इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.


स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कोरोना से पिछले 24 घंटे में 1,376 लोग स्वस्थ हुए हैं और अब तक 29,220 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं. इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 67.03 प्रतिशत है. 27 जुलाई से अब तक कोविड-19 के 1,749 मामले प्रतिवेदित हुए हैं, जबकि 26 जुलाई एवं पूर्व के 731 कोरोना संक्रमण के नये मामले भी सामने आये हैं. वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 14,101 एक्टिव मरीज हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 16,275 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 4,86,835 है.


अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 03 कांड दर्ज किये गये हैं और 18 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है. इस दौरान 1,019 वाहन जब्त किये गये हैं और 24 लाख 15 हजार 500 रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है. इस प्रकार 1 जुलाई से अब तक 41 कांड दर्ज किये गये हैं और 58 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है. कुल 23,162 वाहन जब्त किए गए हैं और करीब 05 करोड़ 45 लाख 16 हजार 115 रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है. उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 5,905 व्यक्तियों से 02 लाख 95 हजार 250 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है. इस प्रकार 05 जुलाई से अब तक मास्क नहीं पहनने वाले 1,26,115 व्यक्तियों से 63 लाख 05 हजार 750 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गयी है. कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नये दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं.


जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने राज्य की विभिन्न नदियों के जलस्तर एवं बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंधों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अभी कोसी नदी का जलश्राव 2,20,185 क्यूसेक है और इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है. गंडक नदी का जलश्राव 2,27,000 क्यूसेक है. इसकी प्रवृत्ति घटने की है. बक्सर से लेकर कहलगांव तक गंगा नदी का जलस्तर स्थिर है और इसकी प्रवृत्ति घटने की है. बूढ़ी गंडक नदी मुजफ्फरपुर में स्थिर है, जबकि समस्तीपुर, रोसड़ा और खगड़िया में इसके जलस्तर में वृद्धि हो रही है और इसमें और वृद्धि होने की संभावना है. ढ़ेंग में बागमती नदी के जलस्तर में कमी हो रही है, जबकि कनसार और कटौंझा में इसके जलस्तर में वृद्धि हो रही है. बेनीबाद में बागमती नदी के जलस्तर में घटने की प्रवृत्ति है, जबकि दरभंगा के हायाघाट में इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है. आगामी 24 घंटे में इसके जलस्तर में 6 से 9 सेंटीमीटर की वृद्धि होने का पूर्वानुमान है. उन्होंने बताया कि नेपाल के इलाके में बारिश होने से महानंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है लेकिन अभी ये खतरे के निशान से नीचे है. अगले 24 घंटे में गंडक, बागमती और महानंदा नदी के नेपाल प्रभाग में 60 एमएम से 100 एमएम, जबकि कमला और कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में 20 एमएम से 40 एमएम तक बारिश होने का पूर्वानुमान है. इसी तरह बिहार प्रभाग में महानंदा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में 60 एमएम से 100 एमएम बारिश होने का पूर्वानुमान है. किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार के अधिकतर जगहों पर बारिश होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि विभिन्न नदियों पर अवस्थित तटबंधों की सतत् निगरानी एवं चैकसी बरती जा रही है.

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 11 जिले के कुल 101 प्रखंडों की 837 पंचायतें प्रभावित हुयी हैं, जहां आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. सुपौल में 03, पूर्वी चम्पारण में 05, गोपालगंज में 13, खगड़िया में 01 और समस्तीपुर में 04 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. इन सभी 26 राहत शिविरों में कुल 22,997 लोग आवासित हैं. उन्होंने बताया कि 808 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 4,19,433 लोग भोजन कर रहे हैं. सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव का कार्य कर रही हैं और अब तक प्रभावित इलाकों से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बोट्स के माध्यम से 2,62,837 लोगों को निष्क्रमित किया गया गया. आज और कल बिहार तथा नेपाल में बारिश की संभावना है. बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद लोगों को पॉलिथिन सीट्स भी उपलब्ध कराया गया है. मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट करा दिया गया है. उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है.