‘बैंक 5 लाख तक दें मुद्रा लोन, नियोजित शिक्षकों को 2 लाख तक पर्सनल लोन’

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बिहार के सभी ग्रामीण बैंकों के प्रमुख अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए डिप्टी सीएम सुशील मोदी

पटना : बिहार के ग्रामीण बैंक इस वित्तीय वर्ष में किसानों को करीब 23 हजार करोड़ रूपये तक का लोन देंगे. सभी जिलों में शौचालय निर्माण के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रति इकाई 12 हजार रुपये दिये जायेंगे. साथ ही सभी नियोजित शिक्षकों को उनके वेतन के आधार पर 1.5 से 2 लाख रुपये तक का पर्सनल लोन भी दिया जायेगा. डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने आज शुक्रवार 29 दिसंबर को सभी ग्रामीण बैंकों को यह निर्देश दिया है. उन्होंने आज ग्रामीण बैंकों के चैयरमैन के साथ ही अन्य वरीय अधिकारियों के साथ सचिवालय में मीटिंग के दौरान यह निर्देश दिया है.

डिप्टी सीएम ने बिहार के किसानों से ससमय ऋण वापसी की अपील की है. उन्होंने कहा है कि समय से ऋण वापसी नहीं करने के कारण 90 प्रतिशत किसानों को भारत सरकार द्वारा 3 और राज्य सरकार द्वारा देय 1 प्रतिशत यानी कुल 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ नहीं मिल पाता है. इस वजह से उन्हें 11-12 प्रतिशत तक ब्याज का भुगतान करना पड़ता है.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण बैंकों की ओर से कुल वितरित किए जाने वाले ऋण का 65 प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को दिया जाता है. बैंक केसीसी धारक किसानों को रुपे कार्ड (एटीएम) उपलब्ध कराता है, मगर मात्र 10 से 15 प्रतिशत किसान ही उसका उपयोग करते हैं. मोदी ने बैंकों को मुद्रा लोन के अन्तर्गत लोगों को 50 हजार से 5 लाख तक कर्ज देने का निर्देश दिया. आमतौर पर बैंक इस स्कीम के तहत 50 हजार का ही कर्ज देते हैं जिससे किसी व्यापार-धंधा को प्रारंभ करना और चलाना संभव नहीं है.

मालूम हो कि बिहार में तीनों ग्रामीण बैंक अपनी 2,110 शाखाओं और 5,555 बैंक मित्रों (बिजनेस कोरस्पोंडेंट) के जरिए ग्रामीणों को बैंकिंग सेवा उपलब्ध करा रहे हैं.

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