पटना में एयर पॉल्यूशन को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, दिए गए हैं और भी कई निर्देश

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प्रतीकात्मक फोटो

पटना : राजधानी में सरकार ने एयर पॉल्यूशन को नियंत्रित करने के लिए कुछ बड़े कदम उठाने की शुरुआत कर दी है. इनमें सबसे बड़ी पहल राजधानी में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. इसके लिए अगले साल मार्च तक CNG स्टोरेज स्टेशन का निर्माण पूरा करने की बात कही गई है. साथ ही अगले दो सालों में पटना में 5 CNG रिफिलिंग स्टेशन भी काम करने लगेगा. डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने आज मंगलवार को यह जानकारी दी है.

सुशील मोदी ने आज अपने सचिवालय स्थित कक्ष में इस काम से जुड़े अधिकारियों से मुलाक़ात की है. उन्होंने बताया कि पटना में CNG स्टोरेज स्टेशन बनाने का काम GAIL द्वारा किया जाएगा. पटना में CNG के इस्तेमाल को पिछले दिनों ही सरकार की तरफ से मंजूरी दी गई थी.



Sushil-Modi-1डिप्टी सीएम सुशील मोदी (फाइल फोटो)

डिप्टी सीएम ने प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को निर्देश दिया है कि एक तीन सदस्यीय कमिटी बना कर वाहन प्रदूषण जांच केन्द्रों के उपकरणों की जांच कराई जाए तथा सभी वाहनों पर प्रदूषण नियंत्रण जांच का स्टीकर लगाना अनिवार्य किया जाय. पटना स्थित सभी चार सचिवालयों में चलंत उपकरणों से सरकारी वाहनों की जांच कर उन्हें प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र निर्गत किया जाय. साथ ही पटना नगर निगम को उन्होंने निर्देश दिया कि कचरा तिरपाल से कवर करके ढोया जाय.

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों पर बालू व अन्य भवन निर्माण सामग्री रखने पर सख्ती से रोक लगाया जाय. कचरा जलाने पर व्यक्ति विशेष से 5 हजार तथा संस्थाओं से 25 हजार रुपये का दंड वसूला जाय. पटना जिले के पांच प्रखंडों में ईंट-भट्ठों की स्थापना पर रोक लगा दी गई है तथा पूर्व से संचालित ईंट-भट्ठों को नई तकनीक अपनाने तक संचालन की अनुमति नहीं दी जायेगी.

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सुशील मोदी के साथ आज हुई इस बैठक में पर्यावरण व वन विभाग, परिवहन, नगर विकास, पटना नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों के साथ पटना के जिलाधिकारी व यातायात आरक्षी अधीक्षक भी मौजूद थे.