लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जेडीयू में तालमेल नहीं दिख रहा है. पहले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और अब जेडीयू नेता पवन वर्मा इसके विरोध में बयान देते नज़र आ रहे हैं. पवन वर्मा ने दिल्ली में बीजेपी के साथ पार्टी के गठबंधन पर भी सवाल उठाया है जिस पर बवाल मचा हुआ है. उन्होंने सीएए का विरोध करते हुए नीतीश कुमार से कहा है कि अपने फैसले पर विचार करें.

बता दें कि पिछले दिनों पवन वर्मा ने ट्वीट के माध्यम से एक चिट्ठी शेयर की थी. चिट्ठी में उन्होंने कहा था कि बीजेपी-आरएसएस और जेडीयू की विचारधारा अलग है तो फिर क्यों दिल्ली में उनके साथ गठबंधन किया गया. इस बात पर उन्होंने सीएम नीतीश से जवाब मांगा है. पवन वर्मा ने नीतीश कुमार से विचारधारा पर तस्वीर साफ करने को कहा है.

अटूट है बीजेपी-जेडीयू का गठबंधन

इस बीच प्रशांत किशोर के बयानों पर हमलावर बीजेपी नेता व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने बीजेपी व जेडीयू के गठबंधन को दो दशक पुराना व अटूट बताया है. मोदी ने ट्वीट कर लिखा- ‘भाजपा-जदयू के बीच दो दशक पुराना गठबंधन अटूट है और हमारी सरकार 12 करोड़ बिहारवासियों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. हम बिहार से बाहर भी मिल कर काम करने की जमीन तैयार कर रहे हैं. इससे जिनकी छाती फट रही है, वे गठबंधन तोड़ने के लिए बहाने खोज रहे हैं.’

सीएम नीतीश ने भी तोड़ी है चुप्पी

बता दें कि पवन वर्मा की चिट्ठी को लेकर सीएम नीतीश ने भी आज चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा है कि मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन उन्हें इस तरह से मीडिया में बयान नहीं देना चाहिए था. कोई दिक्कत थी तो पार्टी फोरम में या पार्टी मीटिंग्स में बताना चाहिए था. साथ ही सीएम ने कहा कि वो आजाद है, जहां जाना हैं जाएं, मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है.  बता दें कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने नागरिकता संशोधन एक्ट का राज्यसभा, लोकसभा में समर्थन किया था. लेकिन पार्टी में इसके बाद इस मुद्दे पर विरोध हुआ, प्रशांत किशोर और पवन वर्मा ने खुले तौर पर इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है.

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