डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कैमूर के मुंडेश्वरी एवं हरसू ब्रह्म धाम में टेका माथा, कहा – बिहार में शांतिपूर्ण चुनाव कराना पुलिस की जिम्मेवारी

लाइव सिटीज, कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे) : बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कैमूर जिले के मुंडेश्वरी एवं हरसू ब्रह्म धाम में जाकर मत्था टेका तथा मन्नते मांगी. इस दौरान वे मंदिरों में प्रवेश निषेध होने के कारण वह खुद मंदिर के गर्भ गृह में नहीं पहुंचे और चौखट से ही पूजा अर्चना की. मुंडेश्वरी मंदिर में भी उन्होंने मंदिर का कपाट खुलने के बाद भी प्रवेश नहीं किया तथा नियमों का हवाला देते हुए लोगों को भी इससे जुड़े रहने की सलाह दी. हालांकि डीजीपी के आने के मद्देनजर दोनों जगहों के मंदिरों के कपाट खोले गए थे और वहां पुजारियों की तैनाती की गई थी ताकि पूजा-अर्चना कराई जा सके.

बहरहाल इन सब परिस्थितियों के बावजूद डीजीपी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि रिया सुशांत मामला एक हाईटेक मामला है. इस पर सबकी नजर बनी हुई है. इस मामले में बिहार पुलिस ने जो कदम उठाया है, वह आज सभी के सामने है. परत दर परत सभी राज खुल रहे हैं.



पत्रकारों के पूछे गए सवाल के जवाब में बीजेपी ने राजनीतिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के सवाल पर कहा कि यदि राजनीति में अच्छे व्यक्तियों का आना ठीक नहीं है तो सवाल आपके अच्छे हैं. ऐसे जवाब से यह साफ जाहिर होता है कि राजनीतिक गलियारों में गुप्तेश्वर पांडे भी अपना कदम बढ़ा सकते हैं.

इस पूरे यात्रा के दौरान डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय सिविल पहनावे में दिखे. हालांकि अपने इस यात्रा को उन्होंने चुनाव पूर्व प्रशासनिक स्तर पर लिए जाने वाले समीक्षात्मक यात्रा के रूप में बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले हम यहां की विभिन्न गतिविधियों पर पैनी नजर बनाने के लिए और उसके विभिन्न बिंदुओं की रूपरेखा एवं तैयारी का जायजा लेने पहुंचे हैं. बिहार में शांतिपूर्ण चुनाव कराना पुलिस की जिम्मेवारी है. डीजीपी के साथ शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी पी कन्नन व कैमूर पुलिस कप्तान दिलनवाज अहमद भी साथ-साथ चल रहे थे. उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की केस के वास्तविकता को धरातल पर उतारने के लिए बिहार पुलिस की कार्य को सबसे अहम पहलू बताया.