लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को कई इलाकों में जाकर लॉक डाउन की स्थितियों का जायजा लिया. इसके साथ ही सभी जिलाधिकारी के साथ समीक्षा की. डाकबंगला, बोरिंग रोड, दीघा आदि जगहों पर जाकर लॉक डाउन की वस्तु स्थिति की देखा. इस दौरान लोगों से अपील की कि लागातर अपने घरों में रहें. अतिआवश्यक हो तभी घर से निकालें.

लॉक डाउन निरीक्षण के बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने सख्ती से लॉक डाउन के प्रावधानों को लागू कराने के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया.प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने पटना के विभिन्न हाउसिंग सोसायटी, अपार्टमेंट तथा कॉलोनी में रहने वाले लोगों से अपील की कि अनावश्यक लोग अंदर बाहर ना करें. इसके लिए आंतरिक अनुशासन एवं नियंत्रण स्थापित करने का निर्देश दिया है.

सोसाइटी अपार्टमेंट आदि में गठित प्रबंधन समिति को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी अपनी सोसाइटी में लोगों को जागरूक करने का कार्य करें तथा लगाता परिरक्षण भी करें. ताकि कोरोना वायरस से कोई व्यक्ति पीड़ित न हो सोसाइटी में आए बाहर अंदर जाने के लिए आवश्यक प्रतिबंध भी लगाए ताकि वायरस का फैलाव न हो. यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति वहां हो तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को उपलब्ध करवाएं ताकि उनकी मेडिकल जांच करवाई जा सके.

प्रमंडलीय आयुक्त पटना संजय कुमार अग्रवाल ने निर्देश दिया है कि नगर निकाय क्षेत्रों के सभी विकास मित्र शहर की स्लम बस्तियों में जाकर लोगों को जागरूक करें. साथ ही यह भी जानकारी प्राप्त करें कि वहां कोई पीड़ित व्यक्ति तो नहीं है. इसके साथ वहां पर जागरूकता फैलाने का कार्य करें. ऐसी बस्तियों में स्थानीय निगरानी दल भी बनाया जाए, जो वहीं के लोगों का हो जो स्वयं अपने इलाके की मॉनिटरिंग करें. वह स्थानीय जानकारी भी प्राप्त करें कि कोई व्यक्ति बाहर अन्य राज्य से हाल ही में तो नहीं आए हैं, यदि आए हैं तो वर्तमान में उसकी क्या स्थिति है तथा उसके मेडिकल चेकअप हुआ है अथवा नहीं इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करें.

इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण मुख्य मुखिया वार्ड सदस्य स्थानीय लोगों के सहयोग से प्रत्येक गांव मोहल्ले वार्ड के लिए निगरानी समिति का गठन करें तथा लॉक डाउन के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करवाएं.स्थानीय विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविका, पीडीएस दुकानदार को भी गांव के अंदर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति का आगमन यदि वहां होता है तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें तथा उन्हें 14 दिनों तक घर पर ही रहने का निर्देश है. यदि तबीयत खराब होती है तो उसकी जानकारी तुरंत निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दें.