दीपावली पर ये 8 चीजें आपके घरों में करेंगी धन की बरसात, खुशहाली भी आएगी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : आज दीपावली है. रोशनी का पर्व दीपावली. धन-धान्य के लिए मां लक्ष्मी की पूजा करने का दिन. ज्योतिषों की मानें तो दीवाली पर पूरे विधि-विधान के साथ महालक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. खास बात कि मां लक्ष्मी की इस पूजा में घर को सजाने के लिए मंगल वस्तुओं का उपयोग किया जाता है. तो आइए जानते हैं कि घर को सजाने, समृ‍द्धि और दीपावली पूजन के कौन-से 8 शुभ प्रतीक हैं, जो आपके घर को खुशहाली से भर सकते हैं.

ये हैं 8 जरूरी मंगल वस्तुएं
दीपक
दीपावली के पूजन में दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. सिर्फ मिट्टी के दीपक का ही महत्व है. इसमें पांच तत्व हैं मिट्टी, आकाश, जल, अग्नि और वायु. ऐसे में प्रत्येक हिंदू अनुष्ठान में पंचतत्वों की उपस्थिति अनिवार्य होती है. कुछ लोग पारंपरिक दीपक की रोशनी को छोड़कर लाइट के दीपक या मोमबत्ती लगाते हैं जो कि उचित नहीं है.

रंगोली
उत्सव-पर्व तथा अनेकानेक मांगलिक अवसरों पर रंगोली बनाने का प्रावधान है. इससे घर-आंगन की खूबसूरती निखर जाती है. यह सजावट ही समृद्धि के द्वार खोलती है. घर को साफ-सुथरा करके आंगन व घर के बीच में और द्वार के सामने रंगोली बनाई जाती है.

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कौड़ी
कौड़ी को तो आप जानते ही होंगे. ये दो प्रकार की होती है पीली और सफेद. पीली कौड़ी को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. दीवापली के दिन चांदी और तांबे के सिक्के के साथ ही कौड़ी का पूजन भी महत्वपूर्ण माना गया है. पूजन के बाद एक-एक पीली कौड़ी को अलग-अलग लाल कपड़े में बांधकर घर में स्थित तिजोरी और जेब में रखने से धन समृद्धि बढ़ती है.

तांबे का सिक्का
अन्य धातुओं की अपेक्षा तांबे में सात्विक लहरें उत्पन्न करने की क्षमता अधिक होती है. कलश में उठती हुई लहरें वातावरण में प्रवेश कर जाती हैं. यदि कलश में तांबे के पैसे डालते हैं, तो इससे घर में शांति और समृद्धि के द्वार खुलेंगे. देखने में ये उपाय छोटे से जरूर लगते हैं, लेकिन इनका असर जबरदस्त होता है.

मंगल कलश
मंगल कलश का अपना महत्व है. भूमि पर कुंकू से अष्टदल कमल की आकृति बनाकर उस पर कलश रखा जाता है. एक कांस्य, ताम्र, रजत या स्वर्ण कलश में जल भरकर उसमें कुछ आम के पत्ते डालकर उसके मुख पर नारियल रखा होता है. कलश पर कुंकूम, स्वस्तिक का चिह्न बनाकर, उसके गले पर मौली (नाड़ा) बांधी जाती है.

श्रीयंत्र
इसी तरह धन और वैभव का प्रतीक लक्ष्मीजी का श्रीयंत्र है. यह सर्वाधिक लोकप्रिय प्राचीन यंत्र है. धनागम के लिए श्रीयंत्र को भी जरूरी माना गया है. श्रीयंत्र यश और धन की देवी लक्ष्मी को आकर्षित करने वाला शक्तिशाली यंत्र है. दीपावली के दिन इसकी पूजा होनी चाहिए.

फूल
कमल और गेंदे के पुष्प को शांति, समृद्धि और मुक्ति का प्रतीक माना गया है. सभी देवी-देवताओं की पूजा के अलावा घर की सजावट के लिए भी गेंदे के फूल की आवश्यकता लगती है. घर की सुंदरता, शांति और समृद्धि के लिए यह बेहद जरूरी है.

नैवेद्य
लक्ष्मीजी को नैवद्य में फल, मिठाई, मेवा और पेठे के अलावा धानी, बताशे, चिरौंजी, शक्करपारे, गुझिया आदि का भोग लगाया जाता है. नैवेद्य और मीठे पकवान हमारे जीवन में मिठास या मधुरता घोलते हैं.

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