लाइव सिटीज, जमुई/ राजेश : जमुई में अभी तक कोरोना का एक भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला है. हां एक दो पेशेंट की जांच जरूर हुई और उसका रिजल्ट भी नेगेटिव आया है. उक्त जानकारी जमुई के डीएम धर्मेन्द्र कुमार व एसपी डा एनामुल हक मेंगनू ने संयुक्त रूप से दी. बुधवार को डीएम व एसपी समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मिडिया कर्मियों के साथ ब्रिफिंग कर रहे थे.

डीएम ने जिले की वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि अभी तक जमुई जिले के विभिन्न हिस्सों में बाहर से आए 27 सौ लोगों को चिन्हित किया जा चुका है, जिनकी संख्या एक-दो दिनों में 5 हजार तक पहुंच सकती है. अधिकारी द्वय ने कहा कि जिलावासियों को डरने या घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी व्यक्ति को सर्दी खांसी या बुखार होता है तो वह घबराए नहीं. कोरोना वायरस पर अभी तक जो रिसर्च सामने आए हैं उसमें 100 में से 80 लोगों में कोरोना के लक्षण आते भी हैं तो वह स्वत: ठीक हो जाता है.

उन्होंने बताया कि अभी लॉक डाउन हुए दो दिन हुए हैं लेकिन सूचना मिल रही है की छिटपुट संख्या में बाहर से लोग अब भी यहां पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि पहले यहां पहुंच चुके 27 सौ लोगों की लिस्ट बन चुकी है और उन पर निगरानी टीम द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है. डीएम ने कहा कि लाॅक डाउन के बाद भी जो लोग इस जिले में प्रवेश कर रहे हैं उन पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है. गांव की आशा कार्यकर्ता उनकी सेहत के साथ-साथ उनके ट्रैवल हिस्ट्री की भी जानकारी स्वास्थ्य महकमे को बनाए गए फाॅर्मेट द्वारा लगातार दे रही हैं.

डीएम ने कहा कि जिले के हर प्रखंड मुुख्यालय में आइसोलेशन वार्ड के रूप में एक-एक स्कूल चिन्हित कर लिए गए हैं. यहां जल्द ही 100 बेड की व्यवस्था की जाएगी जिसके लिए तैयारी भी हो रही है. प्रखंडों के इन आइसोलेशन केंद्रों में अभी फिलहाल पेशेंट आए या ना आए वहां पर फिलहाल दस दस बेड की व्यवस्था रेडी रखी जाएगी. जमुई स्थित सदर अस्पताल में अभी 50 बेड की व्यवस्था की जा रही है. जमुई जिले में बेड की दिक्कत इसलिए भी नहीं होगी कि पूर्व में स्पेशल सेंटर असिस्टेंस का एक फंड आया था, जिससे 1 हजार हॉस्पिटल बेड की खरीदारी हुई थी जो अब काम आ जाएगी.

कोरोना को लेकर स्थिति अगर बहुत बुरी हुई तो वैसी स्थिति के लिए ग्राम पंचायतों में भी एक-एक स्कूलों को चिन्हित कर आइसोलेशन वार्ड के लिए रखा गया है. जहां ग्रामीणों के सहयोग से भी उस आइसोलेशन वार्ड को चलाया जाएगा. अधिकारी द्वय ने जानकारी दी कि अब तक जमुई जिले में कोरोना वायरस का आउटब्रेक नहीं हुआ है. लेकिन वैसी स्थिति से भी निपटने के लिए जिला प्रशासन सारी तैयारियां कर रही है. डीएम ने कहा कि जमुई जिले के पास आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है.

उन्होंने जनता से अपील की कि उन्हें लगता है कि किसी सामान की किल्लत है और वह समान उन्हें नहीं मिल पा रहा है तो वह डीएम, एसपी, डीएसपी, एसडीओ तक को फोन करें और उन्हें बताएं कि फलां समान उन्हें उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. ऐसी स्थिति में पदाधिकारी उन्हें वह सामान उनके घर तक पहुंचा कर देंगे. डीएम ने जिले की खाद्य आपूर्ति पर बताया कि खाद्य आपूर्ति की कुछ शिकायतें आ रही है, जिस पर व्यवसायिक संघ के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक हुई है.

बैठक में उनसे सहयोग करने की बात की गई है जिसके साकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. संंबंधित अधिकारियों को जिले में खाद्य सामग्रियों का स्टॉक रजिस्टर तैयार करनेे को कहा गया है, जिससे यह पता चलता रहे की जिले में उन सामग्रियों का कितना स्टाॅक मौजूद है और यह अंदाजन कितने दिनों तक चलेगा. साथ ही जमुई में जितने भी विक्रेता है उनका उनका मोबाइल नंबर डिस्ट्रिक्ट के साइड तथा व्हाट्सएप ग्रुपों पर डाला जाएगा, जिससे ऑनलाइन मार्केटिंग के तर्ज पर आप जरुरी सामान मंगवा सकते हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष परिस्थिति आने पर लोगों के बीच विद्यालयों में चलने वाले एमडीएम की तर्ज पर खाद्य आपूर्ति की जाएगी. अंत में जिलाधिकारी में लोगों से आग्रह करते हुए कहा है कि वे अपने घरों में रहें लाॅक डाउन का भरपूर पालन करें और इस बीमारी से छुटकारा पाएं.