‘साइलेंट हार्ट अटैक’ सबसे खतरनाक, सर्दियो में बच के रहें हृदय रोगी : डॉ विवेक

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: सर्दियों के मौसम में हार्ट रोगियों के बीच जागरुकता को बढ़ाने और इस दौरान उन्हें उनके स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सजग बनाने को लेकर ‘बिग हॉस्पिटल’ की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान बिग हॉस्पिटल के डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विवेक कुमार ने मौजूद लोगों को हार्ट अटैक के दौरान फर्स्ट एड और सी.पी.आर. (कार्डियो पुल्मोनारी रेससिंटेशन) के बारे में जानकारी दी. उन्होंने हार्ट के रोगियों और उनके परिजनों से सर्दियों के दिनों में सतर्कता बरतने की बात कही है.

मधुमेह के रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा

इस जागरुकता कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि जिन लोगों को मधुमेह की बीमारी है, उन्हें सर्दियों के मौसम में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि इन लोगों की नर्व कमजोर हो जाती है, जिसके कारण 50 प्रतिशत लोगों को हार्ट अटैक का दर्द महसूस नहीं होता है. ऐसे में इन्हें चाहिए कि वे नियमित रुप से अपना चेकअप कराते रहें.

मधुमेह रोगियों को सुझाव देते हुए डॉक्टर ने कहा कि ऐसे लोगों को कुहासे में टहलना नहीं चाहिए और अगर ये लोग बेहोश हों तो इस हालत में इन्हें पानी नहीं पिलाना चाहिए. वहीं उन्होंने कहा कि मधुमेह रोगियों में मौसम परिवर्तन के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और धड़कनें भी तेज हो जाती है. जिसके कारण इनमें हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.

सबसे खतरनाक है ‘साइलेंट हॉर्ट अटैक’

कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सबसे खतरनाक हार्ट अटैक ‘साइलेंट हार्ट अटैक’. इस प्रकार के अटैक में रोगी को किसी भी प्रकार का दर्द नहीं महसूस होता है. उन्होंने बताया कि ऐसे अटैक के मामले केवल 25% ही हैं लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि ऐसे मामले में ब्लड धमनियों में जमा वसा के कारण हार्ट तक नहीं पहुंच पाता. उन्होंने बताया कि ऐसी परिस्थिति में ब्लड का सर्कुलेशन नहीं हो पाता और ऑक्सीजन की कमी मांसपेशियों में हो जाती है, जिसके कारण जोर का धक्का लगाता है. ज्यादातर मौतें इसी धक्के के कारण होती हैं.

साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में बताते हुए डॉ. विवेक ने बताया कि इसके मुख्य लक्षण हैं, सीने में हल्का दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अचानक कमजोरी का एहसास, दिल में हल्का करंट लगना, पेट में गैस बनना, अचानक गर्मी लगना और पसीना आना और अचानक उल्टी आना. उन्होंने बताया कि अगर ये लक्षण 15 मिनट से ज्यादा दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. उन्होंने बताया कि ज्यादातर अटैक 50 की उम्र के बाद ही आते हैं. लेकिन अगर आप कोलस्ट्रोल जैसी बीमारी और किसी नशे के आदी हैं, तो आपको यह अटैक 40 की उम्र में भी आ सकता है.

सर्दियों में हार्ट रोगियों को संभल के रहने की जरुरत

डॉ. विवेक ने मौजूद लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि सर्दियों के मौसम में हृदय रोगियों को ज्यादा संभल के रहने की जरुरत है. उन्होंने बताया कि ठंड का मौसम, बर्फ, ठंडी हवायें ये सब हमारे शरीर की गर्मी को चुरा लेते हैं. ऐसे में व्यक्ति को कोई भारी काम नहीं करना चाहिए कयोंकि इसके नतीजतन व्यक्ति के दिल और आकस्मिक हाइपोथर्मिया का दबाव बढ़ जाता है. वहीं सर्दी के कारण रक्तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.

उन्होंने लोगों से सर्दियों में विशेष ध्यान रखने की बात कही. इस दौरान उन्होंने लोगों को हार्ट अटैक को लेकर सजग रहने की भी बात कही. डॉ. विवेक ने इस दौरान लोगों को कई टिप्स भी दिए.

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