आज नहीं दिखा कहीं चांद, जामा मस्जिद के शाह बुखारी का एलान – 16 को मनेगी ईद

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लाइव सिटीज, पटना से अजीत : दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी ने एलान किया है कि भारत में ईद शनिवार को मनाई जाएगी क्योंकि देश के किसी भी हिस्से में गुरुवार को चांद नहीं देखा गया. भारत में इस बार रमजान की शुरुआत को लेकर मुस्लिम समाज बंटा हुआ नजर आया और उनमें से कुछ ने 17 मई को तो बाकी ने 18 मई को पहला रोजा रखा. आमतौर पर सऊदी अरब में चांद दिखायी देने के एक दिन बाद भारत में चांद का दीदार होता है, मगर इस बार 16 मई को अरब के साथ-साथ यहां भी चांद दिखने की पुष्टि की गई.

अरब से जुड़ी इस पुरानी परंपरा पर अटूट विश्वास रखने वाले बहुतेरे मुसलमानों ने इस पुष्टि को नहीं माना और 17 के बजाय 18 मई को पहला रोजा रखा. रमजान में 29 या 30 रोजे होते हैं. इनकी संख्या ईद का चांद दिखने से तय होती है. 18 मई को रोजे की शुरुआत करने वालों के 28 रोजे ही होंगे और उनका एक रोजा छूट जाएगा. वह रोजा ईद के दिन नहीं रखा जा सकेगा, क्योंकि ईद के दिन का रोजा हराम माना जाता है.

लगभग यही हाल ‘अलविदा’ जुमे की नमाज का भी है. जहां ज्यादातर मस्जिदों में आठ जून को यह नमाज अदा की गयी, वहीं कुछ मस्जिदों में ऐसा नहीं हुआ. देश में 14 जून को ईद का चांद नजर नहीं आया इसलिए अब ईद 16 जून को मनाई जाएगी.

खानकाह ए मुजिबिया का एलान

राजधानी पटना सहित बिहार के किसी भी हिस्से में चाँद नही दिखा. इसके अलावा देश के किसी हिस्से से ईद के चाँद देखे जाने की खबर नही मिली है. इसके बाद फुलवारी शरीफ के प्रसिद्ध खानकाह ए मुजिबिया के प्रबंधक मौलाना मिन्हाजुद्दीन मुजीबी और इमारत शरिया के काजी ए शरीयत मौलाना अब्दुल जलील कासमी ने एलान किया है कि ईद का पर्व 16 जून शनिवार को मनाई जाएगी. ईद की नमाज शनिवार को अदा किया जाएगा और शुक्रवार को मुसलमान भाई इस रमजान का आखिरी रोजा रखेंगे. शुक्रवार को अलविदा की नमाज भी अदा की जाएगी. इस एलान की तस्दीक इमारत अहले हदीस के अमीर मौलाना गाजी और शिया रुयते हेलाल कमेटी के सदर मौलाना सैय्यद असद रजा ने भी की है.

हालांकि ईद के चाँद देखने के लिए लोग शाम से ही नजरें आसमान पर टिकाए हुए थे. इसके अलावा लोगों ने मुस्लिम एदारों के दफ्तरों में कॉल लगाकर भी चांद देखे जाने के बारे में पता करते रहे.

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