पटना में चुनाव आयोग की बैठक हुई खत्म, जानिए किस पार्टी ने क्या दिए सुझाव

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: सुनील अरोड़ा की अगुवाई में पॉलिटिकल पार्टी के नेताओं के साथ चल रही बैठक खत्म हो चुकी है. इस बैठक में कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग को अपना सुझाव दिया है. जेडीयू की ओर से बड़े नेता अशोक चौधरी ने अपना सुझाव दिया. उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि चुनाव आयोग बुजुर्गों से खुद तीन दिन पहले फॉर्म भरावाएं. ताकि ज्यादा से ज्यादा बुजुर्ग वोट डाल पाए.

इसके अलावा जेडीयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कहा कि इन सभी पर्चाओं को समय पर ही बीएलओ तक पहुंचा दिया जाए. जिससे मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो सके.



वहीं रालोसपा की ओर से अतिसंवेनशील बूथों पर कमजोर वर्ग के मुद्दों को उठाया. रालोसपा की ओर से कहा गया कि जो भी कमजोर वर्ग के वोटर हैं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा सबको सुरक्षित वोट दिलाया जाए. एलजेपी ने चुनाव आयोग को सुझाव में कहा कि जिस तरह से पंचायत बूथों पर चुनाव कराया जाता है, ठीक उसी प्रकार मतदान होना चाहिए.

आरएलएसपी की ओर से ये भी कहा गया कि एक हजार बूथ बढ़ने से मतदान कम हुआ है. वहीं जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं, उन इलाकों में भी बूथों की संख्या बढ़ाई जाए.  इसपर चुनाव आयोग ने जवाब में कहा कि 30 हजार बूथ केंद्र बढ़ाए भी गए हैं.

इसके अलावा आरजेडी ओर से बड़े नेता मनोज झा और चितरंजन गगन भी शामिल हुए. मनोज झा ने चुनाव से कहा कि जितने भी अधिकारी हैं, उनपर नजर रखी जाए. उन्होंने कहा कि कई अफसरों का नाता सीधे जेडीयू के बड़े नेताओं से है. ऐसे में उनपर नजर बनाए रखना ज्यादा जरूरी है. साथ ही नेताओं के सोशल मीडिया पर भी निगरानी होनी चाहिए. इसके अलावा आरेजडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि चुनाव सुबह 7 सा शाम 7 तक करना चाहिए.

बता दें कि कोरोना काल में पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने मान्यता प्राप्त दलों की बैठक बुलाई थी. जिसमें पार्टी के बड़े नेताओं से चुनाव संबंधी सुझाव मांगे गए थे. इस बैठक में जेडीयू के बड़े नेता और मंत्री अशोक चौधरी और ललन सिंह मौजूद थे. इसके अलावा अन्य पार्टियों के भी नेता मीटिंग में शामिल थे.