पब्लिक ट्रांसपोर्ट के गाड़ियों में लगाए जाएंगे इमरजेंसी बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस

पटना/अमित जायसवाल : बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया है. अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट की गाड़ियों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के साथ ही इमरजेंसी बटन लगाया जाएगा. यह नई व्यवस्था पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत बस, कैब, टैक्सी के लिए होगी. इससे सफर करने वाली महिलाओं व लड़कियों को किसी तरह के खतरे का अभास होने पर इमरजेंसी बटन दबाते ही कंट्रोल कमांड सेंटर में अलार्म बजने लगेगा. इस पर तत्काल पुलिस मदद के लिए वहां पहुंच जाएगी.

पटना से शुरु होगी यह व्यवस्था:
इस बारे में ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि निर्भया फ्रेमवर्क के तहत इस नई व्यवस्था की शुरुआत होगी. गाड़ियों में व्हीकल लोकशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं इमरजेंसी बटन लगाने का निर्णय लिया गया है. इस योजना की स्वीकृति मंगलवार को कैबिनेट से मिल गई है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पटना से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी. इसके बाद दूसरे शहरों में चलने वाले बस व  टैक्सी में लगाया जाएगा.



महिला सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण:
संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सरकार का यह कदम महिला सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण. इससे महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सकेगी. उन्हें आवश्यकता पड़ने पर गाड़ियों के लोकशन के अनुसार सहायता दी जा सकेगी. व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के द्वारा इमरजेंसी अलर्ट, ओवर स्पीडिंग और उपकरण के साथ छेड़छाड़ या तोड़े जाने पर अलर्ट मिल सकेगा. इसकी मदद से वाहन के लोकेशन की रियल टाईम जानकारी प्राप्त होगी. जियो फैंसिंग एवं साॅफ्टवेयर के माध्यम से वाहन के हर मूवमेंट को मैप पर देखा जा सकेगा. गाड़ियों के मालिक को भी साॅफ्टवेयर के जरिये अपने गाड़ी का लोकेशन मिलता रहेगा.

क्राइम कंट्रोल में मिलेगी मदद:
इस साॅफ्टवेयर के माध्यम से क्राइम कंट्रोल में काफी मदद मिलेगी. इसके साथ ही ओवर स्पीडिंग को रोका जा सकेगा. अगर तय किये गए स्पीड से बस अधिक स्पीड पर चलेगी तो वह पकड़ में आ जाएगी. इसके बाद वैसे बस ड्राइवर्स पर कार्रवाई की जाएगी.

बनाया जाएगा कंट्रोल कमांड सेंटर:
पूरी प्रक्रिया की माॅनिटरिंग के लिए कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया जाएगा. इसके लिए एनआईसी की मदद से ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा कंट्रोल रुम बनाया जाएगा. यह कंट्रोल रुम पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रुम से जुड़ा होगा. किसी भी प्रकार की इमरजेंसी से निपटने के लिए गाड़ियों को ट्रैक किया जा सकेगा. साथ ही तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी.