नियोजित शिक्षकों ने सरकार से समस्याओं का अविलंब निदान करने की मांग की

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: टीईटी, एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक एवं प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पाण्डेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा कि इस कोरोना काल में एक तरफ जहां पूरे देश सहित राज्य के सभी कार्यालयों में केवल 33% कर्मियों को कार्यालय आने आदेश है. वहीं शिक्षा विभाग बिहार सरकार का फरमान है कि सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं को विद्यालयों में पूरे क्षमता के साथ बने रहना है जबकि विद्यालयों में अमूमन जगह कम ही उपलब्ध हैं जो लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन है.

प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पाण्डेय ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का संचालन बन्द है. अधिकांश शिक्षक अपने घर से दूर पदस्थापित है और नियोजित शिक्षकों को कोई आईडी भी निर्गत नहीं होने की स्थिति में वो अपने निजी वाहन से भी विद्यालय जाने में असमर्थ हैं, ऐसी स्थिति में यह आदेश अव्यवहारिक है.

हड़ताल से वापस आने के बाद से वेतन नहीं मिलने एवं भुखमरी की स्थिति के बावजूद शिक्षक इस विकट स्थिति में भी अपने भूमिका में आ गए है और कोरोना वारियर्स की भूमिका निभा रहे.

मुस्लिम समुदाय का महान पर्व ईद भी सर पर है लेकिन शिक्षकों का वेतन भुगतान, हड़ताल अवधि का सामंजन,लॉक डाउन अवधि का वेतन भुगतान आदि होते भी नहीं दिख रहा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है.

प्रदेश सचिव अमित कुमार, शाकिर इमाम व नाजिर हुसैन ने कहा कि कोरोना वारियर्स की भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की भांति 50 लाख का बीमा एवं सुरक्षा किट,मास्क ,ग्लब्स आदि अविलंब उपलब्ध कराया जाए.

उनलोगों ने कहा कि हाल के दिनों में गया सहित अन्य जगहों पर क्वारंटाइन सेंटर पर फ्रंट लाइनर की भूमिका निभा रहे शिक्षकों पर हमला दुःखद है. सरकार अविलंब इस पर ध्यान दे और उचित सुरक्षा मुहैया कराए.

प्रदेश कोषाध्यक्ष संजीत पटेल ने कहा कि उक्त सभी मांगो पर सरकार अविलंब संज्ञान ले अन्ययथा कि स्थिति में हम कार्य बहिष्कार करने हेतु बाध्य होंगे.