‘सवर्ण हमारे वोटर नहीं’ वाला तेजस्वी यादव का बयान फर्जी है, सोशल मीडिया के झांसे में न आयें

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सोशल मीडिया में अफवाहें बहुत तेजी से चलती हैं. यह इस बात को साबित करता है कि अफवाहों के पैर नहीं होते. गलत खबर, गलत तस्वीर इतनी तेजी से वायरल होती है कि उसके सच्चाई का पता चलते-चलते वह हजारों-लाखों लोगों तक पहुंच जाती है. देश में पिछले कुछ सालों में लोगों द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने में आई क्रांति के बाद अफवाहों का बाजार भी बहुत बड़ा हो गया है. अब इसी क्रम में ताजा शिकार हुए हैं बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव.

तेजस्वी यादव का सवर्ण आरक्षण के मुद्दे पर एक बयान सोशल मीडिया में काफी तेज वायरल हो रहा है. जो तस्वीर वायरल हो रही है वह देश के बड़े न्यूज़ चैनल एबीपी न्यूज़ के टीवी कार्यक्रम जैसी है. इसमें तेजस्वी की फोटो के साथ बगल में एक बयान चस्पा किया गया है. बयान कहता है – स्वर्ण हमारे वोटर नही जो हम समर्थन करते. जाहिर तौर पर यह बयान सवर्ण आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाये गए संविधान संशोधन बिल से संबंधित है. राजद के सांसदों ने इस बिल का विरोध किया था और इसके विपक्ष में मतदान भी किया था.

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अब बात वायरल तस्वीर की

तेजस्वी यादव ने ऐसा कोई बयान दिया है या नहीं, यह तो बाद की बात है. पहले तो यही समझना चाहिए कि आखिर वायरल हो रही यह तस्वीर सही है या नहीं. इस तस्वीर को सरसरी नजर से देखने पर सामान्य आदमी भी जान सकता है कि इसमें कई खामियां हैं. जैसे, तेजस्वी का मुख्य बयान जहां लिखा है, उसमें ‘सवर्ण’ को ‘स्वर्ण’, नहीं को नही, विरोध को बिरोध, जाति को जाती लिखा गया है. सामान्य समझ की बात है कि कोई भी न्यूज़ चैनल अपने किसी कार्यक्रम में हिंदी की वर्तनी की इतनी गलतियां कर नहीं सकता.

बात तेजस्वी के बयान की

अब बात करते हैं तेजस्वी यादव के उस बयान की, जो तस्वीर में बताया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि तेजस्वी ने ऐसा बयान दिया है कि ‘स्वर्ण हमारा वोटर नही जो हम समर्थन करते’. यह बयान इस संदर्भ में समझा जा सकता है कि राजद के तीनों सांसदों ने संसद में सवर्ण आरक्षण के लिए लाए गए संविधान संशोधन बिल का विरोध किया. तेजस्वी यादव ने हालिया जो भी सार्वजनिक बयान दिए हैं, उसमें इस बयान का कहीं भी जिक्र हमें नहीं मिला है.

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तेजस्वी ने यह जरूर कहा है कि सरकार को जातीय जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए, तभी पता चलेगा कि कौन गरीब है और तब हम सवर्णों के आरक्षण की बात करेंगे. उन्होंने यह कहा है कि राजद पिछड़ों और दलितों को एकजुट रखना चाहती है जबकि भाजपा इनके बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है. तेजस्वी ने हाल के एक ट्वीट में कहा – अगर 15 फ़ीसदी आबादी को 10% आरक्षण तो फिर 85 फ़ीसदी आबादी को 90% आरक्षण हर हाल में मिलना चाहिए. 10% आरक्षण किस आयोग और सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर दिया जा रहा है? सरकार विस्तार से बतायें.

इस पूरे घटनाक्रम में बड़ी बात है कि इस तस्वीर को बहुत लोगों द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म जैसे – फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम आदि पर शेयर किया जा रहा है. इसके माध्यम से यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि तेजस्वी यादव ने सवर्ण समाज के खिलाफ कोई बयान दिया है. इस तस्वीर को तेजस्वी यादव के समर्थक भी बहुत शेयर कर रहे हैं. वह इस माध्यम से तेजस्वी यादव को दलितों और पिछड़ों का सच्चा हितैषी साबित करने में तुले हैं.

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