कैमूर में किसानों की हालत खराब, बाजार से ऊंचे दामों पर यूरिया खरीदने को मजबूर, बिस्कोमान सेंटर में स्टॉक खत्म

लाइव सिटीज, कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे): जिले में सरकार के द्वारा बनाए गए बिस्कोमान सेवा केंद्र पर यूरिया का स्टॉक खत्म हो चुका है. जबकि किसान गेहूं का पहला पटवन कर रहे हैं. गेहूं का पटवन करने के बाद उसमें यूरिया का छिड़काव किया जाता है. लेकिन बिस्कोमान केंद्र पर यूरिया नहीं मिलने की वजह से किसान ऊंचे दामों पर बाजार से यूरिया खरीद रहे हैं. जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है.

एक तरफ सरकार जहां किसानों के हित की बात करती है, वही धरातल पर किसानों के विरुद्ध सारे कार्य किए जा रहे हैं. अभी कुछ रोज पहले ही जब किसानों की धान की फसल तैयार हुई उसे खरीदने वाला कोई नहीं था. जबकि सरकार यह दावा कर रही थी कि किसानों का धान सरकारी दर पर शत-प्रतिशत खरीदा जाएगा. लेकिन सरकारी दर पर धान बिकता नहीं देख किसानों ने औने पौने दामों पर अपना धान बेच दिया.



जैसे ही धान के बाद गेहूं में खाद का छिड़काव करने की बारी आई तो सरकारी गोदाम से यूरिया का स्टॉक खत्म हो गया. अब किसान खुले बाजार से सौ से डेढ़ सौ रुपए ज्यादा कीमत देकर यूरिया खरीद रहे हैं. इतना ही नहीं कृषि से संबंधित पदाधिकारी किसानों के हित के लिए उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं. उनके द्वारा भी किसानों का सहयोग नहीं किया जाता है. जिससे किसानों की हालत और बदहाल होती जा रही है.

इस विषय में किसानों का कहना है कि 20 दिन से दौड़ रहे हैं. लेकिन सरकारी खाद की दुकान पर उन्हें यूरिया नहीं मिल रही है. इस विषय में पूछे जाने पर बिस्कोमान के प्रबंधक ने बताया कि जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा यूरिया की मांग नहीं की जा रही है. जिसकी वजह से यूरिया की किल्लत है. वहीं जिला कृषि पदाधिकारी ललिता प्रसाद ने बताया की जिले में यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कहीं भी यूरिया की किल्लत नहीं है, और ना ही अधिक कीमतों पर बेची जा रही है. शिकायत करने के बाद भी ऑफिस में बैठे हुए पदाधिकारी किसानों की समस्या को सुनने के लिए तैयार नहीं है.