BSEB : आॅनलाईन शॉपिंग से शुरू हुआ ठगी का खेल, मार्क्स बढ़ाने और जॉब तक जा पहुंचा

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पटना : बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के कंडक्ट कराए गए एक—दो नहीं, बल्कि चार एग्जाम में ठगी का मामला आ चुका है. सारे मामले इसी साल के हैं. पहले इंटरमीडिएट, फिर मैट्रिक और टीईटी में मार्क्स बढ़ाने और एग्जाम में पास करने का खेल हुआ. इसके लिए स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स को कॉल कर मोटी रकम की डिमांड की गई. अब एमटीएस एग्जाम पास कर जॉब के लिए क्वालिफाई किए गए कैंडिडेट से मोटी रकम की डिमांड कॉल कर की गई. दरअसल, ठगी का ये मामला ऐसे ही नहीं शुरू हुआ. ठगी के पीछे शातिरों का एक बड़ा रैकेट है.

सोर्स की मानें तो ये रैकेट पहले आॅनलाईन शॉपिंग करने वालों को अपना शिकार बनाता था. आॅनलाईन शॉपिंग कंपनी नापतौल के नाम पर कॉल कर लोगों से रुपए ठगे जाते थे. इसके लिए बजाप्ता फर्जी नाम, पते और आईडी प्रूफ के आधार पर सीम कार्ड खरीदे गए. ट्रू कॉलर में दूसरे का नाम यूज किया गया. फर्जी आईडी के आधार पर ही बैंकों में भी अकाउंट खुलवाए गए.



बताया जाता है कि नालंदा और शेखपुरा जिले के बॉर्डर पर एक ऐसा गांव है, जहां आॅनलाईन ठगी करने वाले शातिर भरे पड़े हैं. ये बात तभी सामने आई थी, जब टीईटी में ठगी का मामला सामने आया था. उस दौरान पटना पुलिस ने कतरीसराय के रहने वाले मुन्ना आफत को अरेस्ट किया था. जब इससे पूछताछ की गई थी तभी चौंकाने वाली बातें उसने उगली थी. लेकिन बयान के आधार पर कभी पुलिस टीम ने ठोस कार्रवाई नहीं की.

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प्रतीकात्मक फोटो

आईजी ने किया है रिव्यू, मामले को माना गंभीर

जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खान ने भी ठगी के इस मामले को काफी गंभीर माना है. उन्होंने खुद बीएसईबी जुड़े ठगी के नए—पुराने सभी मामलों का रिव्यू किया. एसएसपी मनु महाराज को इस मामले में टीम बनाकर ठोस कार्रवाई करने का आदेश दिया है. आईजी ने निर्देश दिया है कि पुराने मामलों में मिले लीड्स के आधार पर इंवेस्टिगेशन को आगे बढ़ाया जाए. पब्लिक को शातिरों के जाल मे फंसने से बचाया जाए. आईजी ने साफ कर दिया है कि इस गंभीर मामले में ठोस और कड़ी कार्रवाई होगी.

1000 तक हो सकती है शातिरों की संख्या

एक बात तो साफ है, जिस जगह से शातिरों के इस गैंग को आॅपरेट किया जा रहा है. वहां पर पहुंच पाना पुलिस के लिए काफी मुश्किल होगा. क्योंकि ये कोई छोटा—मोटा गैंग नहीं है. पटना पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार गैंग में शातिरों की संख्या 500 से 1000 तक है. इसलिए इन्हें पकड़ पाना पुलिस के लिए थोड़ा टफ होगा.

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मिले लीड्स पर कर रहे हैं कार्रवाई

सोमवार से लेकर मंगलवार तक बीएसईबी में काम करने वाले कई स्टाफ से अब तक पूछताछ हो चुकी है. इसमें कुछ परमानेंट तो कुछ कांट्रैक्ट वाले स्टाफ हैं. जांच टीम की कमान संभाल रहे सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दारपीनेनी के अनुसार पूछताछ के दौरान जो लीड्स मिले हैं, उसके आधार पर अभी कार्रवाई चल रही है. पुलिस टीम डाटा लीक करने वाले और उसे शातिरों के गैंग को बेचने वाले के बारे में पता करने में जुटी है.