पहली बार देश में ओबीसी की करायी जाएगी गणना, केंद्र ने कर ली है पूरी तैयारी

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लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में अभी ओबीसी से लेकर दलित तक के मुद्दे को लेकर एनडीए के घटक दल रालोसपा ने खीर पॉलिटिक्स शुरू की है. शुक्रवार को तो रालोसपा प्रमुख व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बाजाप्ता ‘पैगाम-ए-खीर’ को लेकर गांव-गांव जाने की बात​ कही है. अब ओबीसी को लेकर दिल्ली से बड़ी खबर आ रही है. पहली बार ओबीसी की गिनती कराई जाएगी.

दिल्ली से आ रही खबर के अनुसार 2021 में देश की जो जनगणना होगी, उसमें इस बार ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की भी गिनती शामिल होगी. पहली बार ओबीसी की स्पेशली गिनती होगी. इसके तहत ओबीसी में आनेवाली सभी जातियों के आंकड़े जुटाए जाएंगे. केंद्र के गृह मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी दी है.

दरअसल शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में समीक्षा बैठक की. इसमें वर्ष 2021 में होनेवाली जनगणना की समीक्षा की जाएगी. समीक्षा बैठक में गृह राज्य मंत्री के अलावा विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल थे. इसमें कई बिंदुओं पर चर्चा हुई.

मंत्रालय की ओर से मीडिया को दी गयी जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में जो जनगणना होगी, उसकी पूरी प्रक्रिया तीन साल के भीतर ही अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी. मंत्रालय के अनुसार पहले जनगणना में 7 से 8 साल लग जाते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इसके लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा.

जानकारी के अनुसार गृह विभाग ने जनगणना को लेकर पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. तीन साल में कैसे गणना का काम पूरा होगा, उस पर भी वर्क आउट लगभग हो गया है. इसके लिए 25 लाख लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है. इस बार घरों, गांवों और वास क्षेत्रों की गणना में टेक्निकल के साथ ही सेटेलाइट मैपिंग को भी शामिल किया जाएगा.

गौरतलब है कि वर्ष 2011 में करायी गयी जनगणना में सभी जातियों को शामिल किया गया था. लेकिन, अब तक उनके अंतिम आंकड़े सार्वजनिक नहीं किये गये हैं. हालांकि इसे लेकर विपक्ष लगातार हमला करता रहा है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने जेल जाने के पहले भी कई बार जातिगत आंकड़ों को जारी करने की मांग की थी. लेकिन केंद्र ने अब पहली बार ओबीसी की गणना कराएगी.

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