Bihar Budget Session 2021 : सरकार ने माना सरकारी स्कूलों में कम हुए हैं बच्चे, शिक्षा मंत्री ने कहा- आठ मार्च से चलेगा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम

लाइव सिटीज, पटना : बिहार के सरकारी स्कूलों में दिनोंदिन बच्चों की संख्या में कमी आ रही है. कमोबेश यही स्थिति सरकार की ओर से अनुदानित स्कूलों की भी है. आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूलों व अनुदानित स्कूलों में बच्चों के नामांकन की संख्या में काफी गिरावट आई है. अब इसे शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी मान लिया. उन्होंने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान अपने जवाब में कहा कि बच्चों के नामांकन में कमी आई है. ऐसे में 8 मार्च से बिहार के सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम चलाया जाएगा.

दरअसल, बिहार विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रश्नोत्तर काल में कहा कि बिहार के सरकारी तथा सरकार अनुदानित स्कूलों में करीब 40 लाख बच्चे कम हो गए हैं. यह कमी प्राइमरी स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या में आयी है. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. 8 मार्च से प्रदेश में सरकारी स्कूलों में नामांकन को लेकर अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत प्रवेशोत्सव कार्यक्रम किये जाएंगे. इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों का स्कूलों में एडमिशन कराया जाएगा.

दरअसल, बिहार के स्कूल शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यू डायस) ने पिछले दिनों अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया था. इसमें बताया गया था कि पांच वर्षों में सरकारी व अनुदानित स्कूलों में एडमिशन में कमी आई है. एडमिशन में 40 लाख बच्चे कम हुए हैं. इस खुलासे को कई अखबारों ने प्रमुखता से छापा था. आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में 2 करोड़ 6 लाख 49 हजार 462 बच्चें ने सरकारी व अनुदानित स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक में एडमिशन लिया था. लेकिन 2018 में यह आंकड़ा घटकर 1 करोड़ 66 लाख 84,400 पर आकर रुक गया.

यह स्थिति तब है, जब सरकार की ओर से किताब, पोशाक से लेकर मिड डे मील तक फ्री में सबकुछ दिए जाते हैं. ऐसे में एडमिशन में कमी होना बेशक चिंता का विषय है. गनीमत यही है कि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है. बहरहाल, सरकार की ओर से अब प्रवेशोत्सव कार्यक्रम चलाया जाएगा. इससे उम्मीद की जा रही है कि बच्चों की संख्या सरकारी स्कूलों में बढ़ सकती है.