फिटमेंट कमेटी बनने के बाद ही सातवें वेतन पर विचारः सिद्दीकी

लाइवसिटीज डेस्क : सोमवार को राज्य के वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि सरकार 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आलोक में अपने कर्मचारियों के वेतन का पुनर्गठन करने के लिए फिटमेंट कमिटी का गठन करने से पहले अपने संसाधनों का आकलन करेगी.

सिद्दीकी, RLSP विधायक ललन पासवान के सवालों का जवाब दे रहे थे. ललन पासवान ने पूछा था कि जब केंद्र ने सातवें वेतन आयोग को लागू कर दिया तो बिहार सरकार इसके लिए क्या कर रही है ? राज्य सरकार के पास सातवें वेतन आयोग को लेकर क्या योजना है?



मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों के परामर्श के बिना वेतन के पैनल की सिफारिशों को लागू किया था. कई राज्यों ने आपत्ति भी जताई थी. संशोधित वेतन और कर्मचारियों के भत्ते से राज्य सरकार के कोष पर ज्यादा वित्तीय बोझ पड़ जाएगा.abdul-baari-siddiqui

मंत्री ने आगे कहा कि राज्य में लाखों सेवानिवृत कर्मचारी के अलावा 4 लाख वर्तमान कर्मचारी हैं. इसके लिए   बिहार सरकार के खजाने के पर 9,000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इसके लिए फिटमेंट कमिटी का गठन करने में थोड़ा वक्त लगेगा.

बता दें कि एक तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के लिए वित्त विभाग की फाइल मंजूरी के लिए लंबित है.

लेकिन बिहार सरकार में वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी की जवाब से न तो ललन पासवान संतुष्ट दिखे और न ही विपक्ष के विधयक और नेता प्रेम कुमार. प्रेम कुमार nda गठबंधन वाली नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके हैं.

प्रेम कुमार पर सिद्दकी ने निशाना साधते हुए कहा कि हमारी सरकार भी उतना ही समय लेगी जितना आप मंत्री रहते हुए छठे वेतन आयोग के आलोक में वेतन और कर्मचारियों के भत्ते को संशोधित करने के लिए समय लिया था. मालूम हो कि छठे वेतन आयोग को लागू करने में तक़रीबन 2 साल लगे थे. लेकिन सिद्दीकी ने कहा कि इससे कम समय में भी संभव हो सकता है.

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