Alarm: बिहार में लड़कियों का अनुपात घट कर 868

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में लिंगानुपात में भारी गिरावट आ गई है. आंकड़ा चौंकाने वाला है. रिपोर्ट के अनुसार 2014 में 1000 पुरुष पर सिर्फ 868 महिलाएं रह गई हैं. जबकि 2013 में लड़कियों का सेक्स अनुपात 924 रहा था. सेन्सस ऑफिस ऑफ़ इंडिया के द्वारा सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) ने जो पिछले सप्ताह आंकड़े जारी किए उसके अनुसार भी देश में महिलाओं का सेक्स अनुपात 2013 में 898 के मुकाबले 2014 में 887 रह गया है.

लिंग अनुपात के मामले में उत्तराखंड, नगालैंड, हरियाणा, तमिलनाडु, राजस्थान और मणिपुर के बाद बिहार नीचे सातवें स्थान पर है. बिहार में यह बहुत बड़ी विडम्बना है कि जहाँ शहर के लोग ज्यादा शिक्षित हैं वहीँ बेबी गर्ल का लिंगानुपात ग्रामीण इलाकों की अपेक्षा बहुत कम है. 2014 में जहां ग्रामीण क्षेत्र में फीमेल बर्थ का लिंगानुपात पुरुष के मुकाबले 894 रहा, वहीँ शहरों में यह अनुपात सिर्फ 820 रह गया है.alarming_unbalanced_sex_rat



साल 2014 तक के रिपोर्ट में बिहार में 5 ऐसे जिले हैं जहाँ लिंगानुपात की स्थिति बहुत दयनीय है. गोपालगंज में लडकियों का अनुपात 675 है तो वहीं सीवान में 721, दरभंगा में 757, पटना में 782, मुजफ्फरपुर 797, तो वहीँ सुपौल में 991, पूर्वी चंपारण में 983, सहरसा में 979, मधेपुरा में 964, एवं अररिया में लिंगानुपात 951रहा था.

हालांकि CRS की रिपोर्ट के अनुसार 2014 तक बिहार में केवल 64.2% लोग ही बर्थ रजिस्ट्रेशन कराये और यह रिपोर्ट उसी पर आधारित है.

इस मामले से जुड़े अधिकारी कहते हैं कि अभी और जागरूकता की जरुरत है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण करा सकें.  और आंकड़ों में और भी सुधार आ सके.

सामाजिक कार्यकर्ता कहते है कि इस मामले में लोगों को जागरूक करना बहुत जरुरी है. उन्हें सेक्स डिटरमिनेशन टेस्ट इत्यादि नहीं कराने का संदेश देना होगा. 2011 में इस मामले को देखते हुए PCPNDT Act बिहार में लागू किया गया था जिसमे भ्रूण हत्या एवं लिंग परीक्षण को अपराध मन गया है. इस एक्ट के तहत अब तक 193 मामले दर्ज किए गए हैं.

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