कांग्रेस का नीतीश पर गंभीर आरोप: अपनी ही बालू नीति पर सीएम का हाथ जोड़ना बेहद शर्मनाक

लाइव सिटीज पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सरोज तिवारी ने बिहार सरकार की बालू खनन नीति पर जबर्दस्त हमला किया है. उनहोंने कहा ​कि आम जनता बालू के महंगे होते मूल्य से परेशान है, वहीं अब तो सरकार के मुखिया नीतीश कुमार को भी बालू के दाम घटाने की अपील करनी पड़ रही है. सरकार खुद ही उहापोह की स्थिति में है.

उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री नई बालू नीति के पैरवीकार बनते हुए पूर्व की बालू नीति को माफियाओं के चुंगल में बता नई नीति लाये. अब इस नई बालू खनन नीति से वही पुराने खनन माफिया सुशील मोदी के द्वारा साधु बना दिए गए. बालू की महंगाई तो बढ़ी ही, लेकिन सरकार को राजस्व की वृद्धि होती नहीं दिखती है.

कांग्रेसी प्रवक्ता ने कहा कि अब बालू माफिया सत्ता पक्ष के नेताओं के बैनर, पोस्टर लगाने और चंदे से मदद कर रहे हैं. वहीं बालू की महंगाई आम जनता के हितों के खिलाफ हो गया है. बालू का मूल्य जहां पूर्व में 2400 रुपये प्रति 100 सीएफटी था, वहीं अब 5000 रुपये प्रति 100 सीएफटी बिक रहा है.

उन्होंने कहा कि बालू की अनुपलब्धता निर्माण कार्य को प्रभावित कर रही है, जो सरकार की जीडीपी व राजकीय आय तक को गिरा रही है. वहीं दूसरे राज्यों से बालू आने पर राजस्व, रोजगार व उत्पादन लाभ अन्य राज्यों को प्राप्त हो रहा है. बालू की अनुपलब्धता अवैध खनन और अवैध व्यापार को अलग से प्रश्रय दे रहा है.

उन्होंने कहा कि सरकार आंकड़ों के साथ बताए कि नई बालू नीति से जितनी महंगाई बढ़ी, उस तुलना में सरकार का राजस्व कितना बढ़ा? साथ ही कहा कि जैसे शराबबंदी सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गयी, वैसे ही बालूबंदी भी सरकार के हाथ से अनियंत्रित हो चुकी है. इससे हर प्रकार का नुकसान बिहार व यहां के लोगों को हो रहा है. सरकार पहले आंख बंद किये बैठी थी, अब हाथ जोड़ कर अपील कर रही है, लेकिन हाथ जोड़ने से काम नहीं चलेगा. सरकार के हाथ में सबकुछ होता है और उल्टे सरकार ही निवेदन की मुद्रा में दिख रही है.

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