सबों के कान खड़े ! रुपयों से भरे गद्दे में सोते पकड़े गए अशफाक करीम भी राजद की रेस में

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्‍क : राज्‍य सभा की रेस में लगे राजद के सभी दावेदारों के कान अचानक से खड़े हो गए हैं. राजद को दो कैंडिडेट देने हैं. जिन्‍हें टिकट मिला, सीधे राज्‍य सभा पहुंच जायेंगे. कोई इफ-बट नहीं है. फैसला लालू प्रसाद को ही करना है. राजद के दो टिकटों के लिए दर्जन भर दावेदार हैं. माना जा रहा है कि राजद अपने समीकरण के तहत एक मुसलमान को टिकट जरुर देगा.



शुरू से राजद में मुसलमानों के बीच से हिना शहाब (शहाबुद्दीन की पत्‍नी) और अली अशरफ फातमी का नाम चलता रहा है. पर, पिछले 48 घंटों से कटिहार मेडिकल कालेज वाले अशफाक करीम की गुपचुप तैयारी को जानकर सभी परेशान हैं. अशफाक करीम राजद की हर जरूरत को पूर्ण कर सकते हैं. करीम की झोली की ताकत का पता सबों को है. उनके भीतर की‍ राजनीतिक चाहत वर्षों से चिकोटी काटती रही है. चुनाव लड़कर हार चुके हैं. रामविलास पासवान के साथ रहकर देख चुके हैं.

अशफाक करीम का फाइल फोटो

अशफाक करीम साल 2013 में पटना के एसएसपी मनु महाराज द्वारा रुपयों के गद्दे पर रात को सोते पहर पकड़े गए थे. दो करोड़ से अधिक रुपयों की नकद जब्‍ती हुई थी. बचने को करीम ने मनु महाराज के सामने बहुत ताव दिखाया था, लेकिन बच नहीं सके थे. उन पर कटिहार मेडिकल कालेज में दाखिले की सीट को बेचने और परीक्षा का पेपर आउट करने का आरोप था. कलमबंद हिसाब की डायरी मिली थी. गिरफ्तारी के बाद पटना के जे डी वीमेंस कालेज में आयोजित इंट्रेंस एग्‍जामिनेशन को कैंसिल किया गया था.

राजद के दूसरे मजबूत दावेदारों में जगतानंद, मनोज कुमार झा, शिवानंद तिवारी, मंगनी लाल मंडल, रघुवंश प्रसाद सिंह आदि का नाम है . बालू माफिया सुभाष यादव की दावेदारी खारिज होती दिख रही है .

नोटों के गद्दे के साथ वर्ष 2013 में पकड़े गये थे अशफाक करीम

जदयू–कांग्रेस के एलान में वक्‍त है

जानकार कह रहे हैं कि जदयू-कांग्रेस अपने कैंडिडेट को बहुत साइलेंट मोड में जाकर कान में भले चुपके से कह दे, लेकिन आधिकारिक एलान अररिया, जहानाबाद व भभुआ के उपचुनाव की तारीख 11 मार्च को शाम पांच बजे वोट खत्‍म होने के आखिरी वक्‍त में होगा. इसका ठोस कारण है.

जदयू को किंग महेन्‍द्र के बारे में अंतिम निर्णय लेना है. उन्‍हें फिर से भेजने का मन नीतीश कुमार बना लें, तो कभी भी एलान कर दे सकते हैं. नहीं में मुश्किल है. वजह कि किंग महेन्‍द्र जहानाबाद के हैं. उनके भाई भोला शर्मा को जदयू प्रत्‍याशी अभिराम शर्मा का कैंपेन संभालने को जहानाबाद में कैंप कराया गया है. ऐसे में, 11 मार्च को वोट खत्‍म होने के पहले टिकट का एलान किया गया, तो जहानाबाद में निगेटिव इंपैक्‍ट होगा.

ठीक ऐसी ही परेशानी कांग्रेस के साथ भी है. भभुआ में कांग्रेस लड़ रही है. मीरा कुमार को राज्‍य सभा का टिकट देना हो तो ठीक है, नहीं की स्थिति में वोट खत्‍म होने के पहले घोषणा ठीक नहीं है. कांग्रेस में अखिलेश प्रसाद सिंह और राजीव शुक्‍ला का नाम सबसे आगे है. कुछ दिन पहले राजीव शुक्‍ला पटना आए भी थे. देवघर मंदिर में दर्शन को भी गये थे. अन्‍य नामों में अभिषेक मनु सिंघवी, जनार्दन द्विवेदी, निखिल कुमार, शकील अहमद और सीपी जोशी के नाम लिये जाते हैं.