‘मई के बाद कभी भी चुनाव करा ले आयोग, जदयू तैयार है…’

लाइव सिटीज डेस्क : लोकसभा और विधानसभा चुनाव को एक साथ कराने को लेकर देश में तो राजनीतिक पार्टियों के बीच उथल-पुथल मचा हुआ ही है, इस पर बिहार में भी सियासत तेज है. शनिवार को फिर जदयू का इस पर बड़ा बयान आया है. जदयू ने साफ कर दिया है कि चुनाव जदयू नहीं डरता है. पार्टी लोकसभा व विधानसभा चुनाव के एक साथ होने से नहीं डरती है. इस साल मई के बाद चुनाव आयोग कभी इलेक्शन करा ले, जदयू तैयार है.

दरअसल रविवार को जदयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक होनेवाली है. इसी को लेकर शनिवार को जदयू की बैठक हुई. इसमें कल की तैयारी को अंतिम रूप दिया गया. बैठक में हो रहे विचार-विमर्श के दौरान जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि लोकसभा या विधानसभा चुनाव से पार्टी को कोई प्रॉब्लम नहीं है. चुनाव एक साथ हो या अलग-अलग पार्टी हर स्थिति के लिए तैयार है.

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से यह मामला जोर पकड़ लिया है. बिहार कांग्रेस की ओर से भी साफ कर दिया गया था कि उसकी पार्टी भी दोनों चुनावों को एक साथ फेस करने के लिए पूरी तरह तैयार है. कांग्रेस को इससे कोई एतराज नहीं है. इसे लेकर कांग्रेस ने जदयू व भाजपा पर तंज भी कसा था. वहीं राजद लोकसभा व विधानसभा चुनाव को एक साथ होने को ठीक नहीं मानता है. राजद नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा था कि दोनों चुनाव एक साथ नहीं होने चाहिए.

खास बात कि पांच दिन पहले नये मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने भी कहा था कि अगर देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर सहमति बनती है, तो आयोग चुनाव कराने को तैयार है. इसके लिए चुनाव आयोग कभी पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि एक देश एक चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच सहमति बननी जरूरी है.

‘एक देश एक चुनाव’ के लिए इलेक्शन कमीशन तैयार, लेकिन रख दी है शर्त

इधर शनिवार को जदयू के महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि अगले माह जदयू के कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जाएगी. हमें संगठन के विस्तार के साथ ही पार्टी में नए लोगों को जोडऩे पर भी दिन-रात काम करना है. शनिवार को हुई बैठक में वरीय नेता संजय कुमार सिंह, दामोदर रावत, चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, डॉ नवीन आर्या, अनिल कुमार, प्रगति मेहता, उमेश कुशवाहा आदि मौजूद थे.

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