लालू प्रसाद के मुद्दे पर गरम हैं शिवानंद तिवारी, भाजपा को दिलायी आडवाणी की याद

शिवानंद तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आरजेडी, (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने भाजपा पर हमला किया है. उन्होंने यह हमला राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ भेदभाव किये जाने को लेकर किया है. शुक्रवार को जारी बयान में शिवानंद तिवारी ने कहा कि भाजपा को उसका अहंकार भी खा रहा है. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि रांची के जेल और अस्पताल में झारखंड सरकार ने लालू प्रसाद के साथ जैसा व्यवहार किया, उसे देशभर के लोगों ने देखा.

शिवानंद तिवारी ने कहा कि दो दिन पहले लालू प्रसाद को इलाज के लिए दिल्ली एम्स ले जाया गया. लेकिन, उनके अनुरोध के बाद भी झारखंड सरकार ने हवाई जहाज़ से दिल्ली जाने की इजाज़त उन्हें नहीं दी. इस प्रकरण ने मुझे 1990 का याद दिला दिया. तब लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे. सोमनाथ से अयोध्या के लिए रामरथ पर सवार होकर लालकृष्ण आडवाणी निकल चुके थे. उस रथयात्रा ने देश भर में सांप्रदायिक उन्माद पैदा कर दिया था. जगह-जगह दंगा भड़क गया था. रथयात्रा को बिहार से ही होकर अयोध्या जाना था.

उन्होंने कहा कि सब जानते थे कि लालकृष्ण आडवाणी के अयोध्या पहुंचने की इजाज़त देने का मतलब है कि वहां नरसंहार की इजाज़त देना. लालू प्रसाद ने तय कर लिया था कि आडवाणी को अयोध्या नहीं पहुंचने देंगे. समस्तीपुर में आडवाणी की गिरफ़्तारी हुई. उनके साथ अशोक सिंघल भी गिरफ़्तार हुए. गिरफ़्तारी के बाद उन्हें मसानजोर स्थित सरकार के डाकबंगला में हेलीकॉप्टर से पहुंचाया. रसोइया, डॉक्टर और अन्य सेवादार वहां नियुक्त किए गए. लालू प्रसाद डेली फोन पर उनका हाल-चाल लेते थे.

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राजद नेता ने कहा कि इतना ही नहीं, इसके कुछ ही दिन के बाद आडवाणी जी की पत्नी, बेटी आदि परिवार के सदस्य उनसे मिलने के लिए पटना आए और सड़क के रास्ते मसानजोर जा रहे थे. लालू प्रसाद को जैसे ही जानकारी मिली, उन्होंने बिहार सरकार के हेलीकॉप्टर से उनलोगों को मसानजोर भेजवाया.

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उन्होंने कहा कि आज झारखंड में लालकृष्ण आडवाणी के चेलों की सरकार है. लेकिन बीमार लालू को उनलोगों ने बेहतर इलाज के लिए हवाई जहाज़ से दिल्ली नहीं जाने दिया. सारे झंझावातों के बावजूद लालू प्रसाद का मज़बूती के साथ राजनीति और समाज में टीके रहने का एक रहस्य उनका मानवीय व्यवहार भी है. उनके विरोधियों को और विशेष रूप से नीतीश कुमार को इस मामले में लालू प्रसाद से सीख लेनी चाहिए.

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