बिहार : नीतीश सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरा शरद गुट, कहा- सीएम ने की लोकतंत्र की हत्या

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार की राजधानी में मंगलवार को जदयू का शरद यादव गुट पूरे तेवर में दिखा. नीतीश सरकार के खिलाफ शरद यादव के समर्थकों ने राजभवन मार्च किया. इसके ​पहले नेता व कार्यकर्ता पटना के कारगिल चौक पर जमा हुए और वहां से लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाल कर वे लोग राजभवन के लिए निकले. मौके पर नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार को कुर्सी से उतारने के लिए जरूरत पड़ने पर नयी पार्टी का गठन भी किया जा सकता है. फिलहाल, हमारी नजर न्यायालय के फैसले पर है.

लोकतंत्र बचाओ मार्च को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री रमई राम ने कहा कि शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा की सदस्यता खत्म करा कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकतंत्र की हत्या की है. उन्होंने कहा हमलोग नीतीश कुमार के द्वारा लोकतंत्र का गला घोंटने के खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन करेंगे. इसके प्रति लोगों को जागरूक करेंगे. उन्होंने कहा कि राजद के 21 दिसंबर को बिहार बंद का समर्थन करने का निर्णय हमलोगों ने लिया है.



वहीं शरद यादव गुट के नेता अर्जुन राय ने कहा कि बिहार में लोकतंत्र नाम की कोई चीज ही नहीं है. नीतीश कुमार ने शरद जी और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता को खत्म कर लोकतंत्र का मजाक बनाया है. युवा नेता ई संतोष यादव ने लोकतंत्र बचाओ मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि जब जब सत्ता और जुनून में संघर्ष होता है, तब तब सत्ता परास्त होती है. इतिहास इसका गवाह है. उन्होंने कहा कि बिहार का युवा लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष करेगा. लोकतंत्र के विरोध में कुचक्र रचने वालों के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

इसके पहले पटना के कारगिल चौक से दोपहर 12 बजे पार्टी के सदस्यगण सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जमा हुए और फिर वहां से राजभवन के लिए कूच किया. जिला प्रशासन ने मार्च को जेपी गोलंबर के पास रोक दिया. इसके बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिल कर ज्ञापन सौंपा. राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपने वालों में शरद यादव गुट के रमई राम, अर्जुन राय, ई संतोष यादव, अरुण श्रीवास्तव, राजेन्द्र सिंह शामिल थे.