मुंगेर के SP बाबूराम को दी गई विदाई, AK-47 मामले से बने थे हीरो

लाइव ​सिटीज, (सुनील जख्मी) : बिहार के मुंगेर जिले से दुनिया के सबसे खतरनाक माने जाने वाले AK—47 हथियारों की लगातार बरामदगी की गई. इसके साथ ही मध्यप्रदेश के जबलपुर ​हथियार फैक्ट्री से जुड़े इसके कनेक्शन को डीएक्टिवेट भी कर दिया गया. इस नेटवर्क का खुलासा कर इसे धवस्त करनेवाले एसपी बाबू राम सम्मानित किया गया. एसपी बाबू राम का कार्यकाल खत्म होने पर मुंगेर पुलिस और उनके साथियों ने उन्हें फेयरवेल देकर उनकी विदाई की.

100 दिन के कार्यकाल में सप्लाई चेन को कर दिया धवस्त

मुंगेर जिले के होटल कर्ण विहार में एक समारोह का आयोजन कर उन्हे फेयरवेल दिया गया. बताते चले कि 27 अगस्त को मुंगेर के एसपी गौरव मंगला के ट्रेनिंग पर चले जाने के बाद कटिहार बीएमपी 7 के कमांडेंट बाबुराव ने मुंगेर एसपी के पद पर पदभार ग्रहण किया था. अपने पद ग्रहण के 48 घंटे के अंदर ही इन्होंने जमालपुर से तीन AK—47 के साथ मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार करने में सफलता पाई.

इसके बाद इमरान के ही निशानदेही पर महज 48 घंटे बाद ही बरदह के मोहम्मद शमशेर और इमरान की बहन रिजवाना को भी तीन एके फोटी सेवन के साथ गिरफ्तार कर लिया. फिर क्या था ताबड़तोड़ छापेमारी कर पुलिस की टीम के नेतृत्व में नदी, नाला और जमीन की जेसीबी से खुदाई कर 21 AK-47 बरामद कर लिए गए.

कमांडेंट बाबुराव ने ही मुंगेर से जबलपुर के कनेक्शन का खुलासा कर किया और AK-47 में शामिल भारत के कई राज्यों में बैठे गिरोह का उदभेदन किया. इन्होंने अपने 100 दिन के कार्यकाल में दुनिया के सबसे खतरनाक माने जाने वाले हथियार एके-47 की बरामदगी ही नहीं की बल्कि इसकी स्मगलिंग करनेवाले गैंग को का भी कच्चा चिट्ठा खोल के पूरे देश के सामने रख दिया.

इनके कार्यकाल में बिहार पुलिस का कद निश्चित रूप से ऊंचा हुआ है. गौरव मंगला के वापस ट्रेनिंग से वापस लौट आने के कारण इन्हें यहां से जाना पड़ रहा है. आज के विदाई समारोह में मुंगेर के डीएम आनंद शर्मा ने कम समय में इतनी बड़ी उपलब्धि पर बधाई दिया. उन्होंने इनके बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दी. मौके पर एसपी हरिशंकर कुमार सहित पुलिस कर्मी तथा मीडिया कर्मी उपस्थित थे.

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