‘दिमागी दिवालिया हो गए हैं सुमो, टेंडर से नहीं होता वन विभाग का काम’

jagta

पटना (नियाज आलम) : आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को मिट्टी-मॉल घोटाले मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद बीजेपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की प्रतिक्रिया पर आरजेडी आक्रामक हो गया है. सुमो के बयान को पार्टी के पूर्व सांसद व पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री जगदानंद सिंह ने दिमागी दिवालियापन करार दिया है.



पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मंत्री जगदानंद सिंह सुशील मोदी पर खूब बरसे. उन्होंने कहा कि वन विभाग में कोई भी काम टेंडर से नहीं होता है. आज़ादी के पहले या आज़ादी के बाद कभी भी वन विभाग का काम टेंडर से नहीं हुआ है. सिंह ने कहा कि आरजेडी की सरकार में उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ 2011 से 2013 तक वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे. जगदानंद सिंह ने मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि उस समय वन विभाग का 175 करोड़ रुपया से अधिक योजना के तहत खर्च हुआ.

jagta

उन्होंने कहा कि सुशील मोदी बताएंगे कि क्या 175 करोड़ के खर्च को सिर्फ इसलिए अवैध मान लिया जाए कि सभी कार्य बिना टेंडर के हुए? इतना ही नहीं राजग के दूसरे कार्यकाल में 600 करोड़ से अधिक का खर्च वन विभाग ने किया, तो क्या इसे फ़िज़ूल खर्ची या गबन मान लिया जाए?

प्रेस वार्ता के दौरान जगदानंद सिंह ने कहा कि दरअसल 175 करोड़ के खर्च को लेकर मोदी को खुद अपने आप पर गबन का शक है, इसी कारण वह इस तरह की बयानबाज़ी कर जनता में गलत संदेश दे रहे हैं. पूर्व सांसद ने कहा कि मोदी ने राजनैतिक वातावरण विषैला बना दिया है. सिंह ने कहा है की अगर मिट्टी पर खर्च हुए 9 लाख की प्रक्रिया गलत है तो 175 करोड़ वाले मंत्री को क्या कहेंगे?

यह भी पढ़ें :
लालू प्रसाद ने सुमो से पूछा- बताओ RK मोदी तुम्हारा मौसा है या फूफा?
राजद ने भी किया सुमो पर खुलासा, कहा – अभी तो ट्रेलर है...