नौकरियों के अभाव में सवर्ण आरक्षण का फायदा नहीं, बने कल्याण विभाग भी : भागवत शर्मा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सवर्ण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भागवत शर्मा ने गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण पारित हो जाने पर संतोष प्रकट किया है. लेकिन गरीब सवर्णों के उत्थान के लिए इसे नाकाफी बताया. उन्होंने बताया कि 10 प्रतिशत आरक्षण ऊँट के मुंह मे जीरा के समान है. उन्होंने इस बात पर रोष प्रकट किया कि जो विधेयक पारित हुआ है उसमें न तो उम्र सीमा में छूट का प्रावधान है और ही परीक्षा शुल्क में कमी की गई है.

शर्मा ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि आज के समय मे सरकारी नौकरियों के घोर अभाव है. सालों साल नौकरियों में कमी दर्ज की जा रही है. बैंक-रेलवे सहित सभी विभागों के कर्मियों की संख्या में लगातार कटौती की जा रही है. ऐसे में केवल नौकरियों में आरक्षण देने से गरीब सवर्णों का विशेष भला नहीं होने वाला है.

उन्होंने माँग की कि जैसे दलितों-पिछड़ों के लिए कल्याण विभाग है, वैसे ही सवर्ण समाज के लिए भी एक सवर्ण समाज कल्याण विभाग का स्थाई गठन हो. अनुसूचित जाति/जनजाति के कल्याण हेतु कुल 17 योजनाऐं संचालित की जाती हैं. ऐसी सभी योजनाऐं गरीब सवर्णों के लिए भी चलाई जाएँ.

शर्मा के अनुसार इस विभाग के अंतर्गत समेकित रूप से गरीब सवर्णों के उथान एवं सशक्तिकरण हेतु अनेक योजनाएं चलाई जाएं जिनमें प्रमुख माँग निम्न हैं :

1) उम्र सीमा में छूट का प्रावधान हो.

2) गरीब सवर्णों के लिए परीक्षा शुल्क में भी छूट दी जाए.

3) UPSC एवं BPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद प्रोत्साहन राशि का प्रावधान हो.

4) गरीब सवर्णों के लिए पीजी तक की शिक्षा निशुल्क हो.

5) गरीब सवर्ण कल्याण छात्रावास का निर्माण हर कॉलेज परिसर में किया जाए.

6) गरीब सवर्ण छात्रों को भी मिले पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप.

7) गरीब सवर्णों के लिए उद्यमी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सब्सिडी युक्त ऋण सुविधा की भी व्यवस्था की जाए.

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