गुहार: हमें अपने घर लाओ सरकार, नेपाल में फंसे हैं एक हजार से अधिक मेडिकल स्टूडेंट्स

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया. बाजार बंद कर दिए गए. सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई. ट्रेनों और प्लेन का परिचालन बंद कर दिया गया. जिले से लेकर स्टेट और देश की सीमा पर स्थित इंरटनेशनल बॉर्डर को सील कर दिया गया. ऐसे में लाखों की संख्या में लोग जहां-तहां फंस गए. हालांकि देश के अंदर जो लोग दूसरे राज्यों में फंसे थे. उन्हें अपने घर जाने के लिए स्पेशल ट्रेनें और बसें मिली. सरकार का साथ मिला.

विदेशों में भी फंसे लोगों को भी रेस्क्यू किया गया, उन्हें स्पेशल फ्लाइट्स से देश वापस लाया गया. लेकिन नेपाल में अब भी एक हजार से अधिक स्टूडेंट्स पिछले दो महीने से फंसे हुए हैं. जो वहां के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं. नेपाल के 26 मेडिकल कॉलेज हैं. वहां के हर एक मेडिकल कॉलेज में करीब 30 से 40 भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. इनमें बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के स्टूडेंट्स अधिक हैं.

लॉकडाउन की वजह से नेपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स अपने घर आना चाहते हैं. परिवार के पास रहना चाहते हैं. लेकिन भारत-नेपाल इंटरनेशनल बॉर्डर पूरी तरह से बंद है. किसी प्रकार की कोई आवाजाही नहीं हो रही है. ऐसे में नेपाल में रह रहे मेडिकल स्टूडेंट्स के परिवार वाले अपने बच्चों को लेकर काफी टेंशन में है. स्टूडेंट्स और उनके परिवार के लोग अब सरकार से गुहार अपने घर लाने की गुहार लगा रहे हैं.

पटना की शाइना और बेगूसराय की दीक्षा भी है वहां

नेपाल के वीरगंज में नेशनल मेडिकल कॉलेज है. इस कॉलेज में पटना के महेंद्रु पोस्ट आॅफिस के पास की रहने वाली शहनाज खातून की बेटी शाइना सबा और बेगूसराय आयुर्वेदिक कॉलेज के रेसिडेंट मेडिकल आॅफिसर डा. दिलीप कुमार वर्मा की बेटी दीक्षा एमबीबीएस थर्ड ईयर की स्टूडेंट हैं. बेटी को अपने घर लाने के लिए इन्होंने कोशिश भी की. नेपाल में भारतीय दूतावास से कांटैक्ट भी किया. लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली.

मदद के लिए सरकार पर टिकी निगाहें

नेपाल के मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे भारतीय स्टूडेंट्स को वापस लाने के लिए परिवार वालों को मदद की दरकार है. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार पर सबकी निगाहें टिकी हुई है. दरअसल, बेटी को वापस घर लाने और उसे होम क्वारेंटाइन में रखने के लिए डा. दिलीप ने पीएमओ को एक लेटर भी लिखा है. इसी तरह जदयू के बेगूसराय नगर जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक लेटर 19 मई को लिखा है. हालांकि अब तक सरकार के तरफ से लिखे गए लेटर का जवाब नहीं आया है. बावजूद इसके नेपाल में फंसे स्टूडेंट्स और परिवार वालों को अपनी सरकार से काफी उम्मीदें हैं. वो लगातार सरकारी मदद की आस संजोए बैठे हैं.