जमुई: हार्डकोर नक्सली अनिल कोड़ा 10 साल बाद गिरफ्तार, पत्नी ने भी किया सरेंडर, पुलिस को कई दिनों से थी इनकी तलाश

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में तेजी से बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर पुलिस नकेल कसने में जुटी हुई है. इसी कड़ी में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने एक कुख्यात दंपति को धर दबोचा है, जो पुलिसवालों के हथियार लुटने में माहिर थे. पुलिस को इनकी कई सालों से तलाश थी. गिरफ़्तारी के बाद पुलिस इनसे पूछताछ करने में जुटी हुई है.

जमुई के एसपी प्रमोद कुमार मंडल ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर बताया कि गिरफ्तार नक्सली लगभग एक दशक से वांछित था. जिसकी गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर हुई है. एसपी ने बताया की पुलिस को सूचना मिली थी की नक्सलियों का एक दस्ता बरहट के जंगल में डैम के समीप जुटा है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की उनकी योजना है. सूचना के बाद पुलिस की कार्रवायी में डैम के समीप एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया गया. कड़ी पूछताछ में उसने स्वयं के नकसली होने की बात कबूली.



एसपी प्रमोद कुमार मंडल ने बताया कि जमुई जिले के बरहट थाना अंतर्गत कुमरतरी गांव निवासी बाबूलाल कोड़ा का पुत्र अनिल कोड़ा ने सघन पूछताछ में स्वयं को भाकपा माओवादी का सक्रिय सदस्य बताया है. वह कई नक्सली वारदातों को अंजाम देने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. एसपी श्री मंडल ने बताया कि अनिल कोड़ा हार्डकोर नक्सली के रूप में नामित किया जाता है. वह 2010 में कजरा जंगल में बीएमपी और सैप जवानों से हथियार लूटने के साथ कई पदाधिकारी और कर्मियों की हत्या कांड में शामिल था. उन्होंने इसके अलावे कई नक्सली वारदातों में उसके शामिल रहने की बात बताते हुए कहा कि जमुई पुलिस को एक लंबे अरसे से अनिल की तलाश थी.

उन्होंने मुंगेर डीआईजी मनु महाराज के निर्देश पर अनिल कोड़ा की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुधांशु कुमार के नेतृत्व में  विशेष टीम का गठन किये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि एक रणनीति के तहत वर्षों से वांछित सम्बंधित नक्सली को दबोचने में कामयाबी हासिल हुई है. उधर जिला पुलिस बल एवं अर्द्ध सैनिक बल के भागीरथी प्रयास के परिणामस्वरूप जमुई , बरहट , कुमरतरी गांव निवासी एवं गिरफ्तार नक्सली अनिल कोड़ा की पत्नी प्रिया देवी उर्फ गुड़िया पासवान ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.

पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार मंडल ने  बताया कि प्रिया देवी उर्फ़ गुड़िया पासवान भी कई नक्सली वारदातों में अपने पति के साथ शामिल थी. साल 2013 में सामुदायिक भवन को उड़ाने में यह शामिल थी. जिसमें एसटीएफ के जवान शहीद हुए थे. इसके आलावा साल 2013 में ही कुंदर हाल्ट के पास धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोककर सुरक्षाबलों के हथियार लुटने और उनकी हत्या करने के मामले में भी ये दोनों पति-पत्नी शामिल थे. मौके पर डीएसपी डॉ. राकेश कुमार, डीएसपी मुख्यालय लालबाबू यादव , अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुधांशु कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे.