कर्मनाशा बॉर्डर पर तेजस्वी भोजनालय पर घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस को लौटना पड़ा वापस

कैमूर/भभुआ (ब्रजेश दुबे): गुरुवार को दुर्गावती थाना अंतर्गत यूपी बिहार की सीमा कर्मनाशा बॉर्डर पर बने तेजस्वी भोजनालय में अचानक माहौल बदल गया. तेजस्वी भोजनालय में बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को भोजन कराने का कार्य प्रारंभ किया गया था. भोजनालय में प्रवासी मजदूरों को चावल दाल सब्जी एवं पापड़ खिलाया जा रहा था. सुबह से शाम तक लगभग हजारों  प्रवासी मजदूर भोजनालय में खाना खा चुके थे.

यह सिलसिला शांति पूर्वक पूरे दिन चलता रहा लेकिन अचानक शाम के समय अचानक भोजनालय में हड़कंप मच गया. जब मोहनिया से एसडीएम शिव कुमार रावत एवं डीएसपी रघुनाथ सिंह भारी पुलिस बल के साथ भोजनालय पहुंचे. वहां लगे बैनर एवं टेंट को हटाने के लिए पहुंचे. भोजनालय में लगे हुए बैनर पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, जगदानंद सिंह के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का फोटो लगा हुआ था. जिस पर तेजस्वी भोजनालय लिखा हुआ था.

मौके पर पहुंचे पदाधिकारियों के द्वारा पोस्टर के साथ-साथ भोजनालय को भी वहां से हटाने के लिए बोला गया. इस पर वहां मौजूद राजद कार्यकर्ताओं ने उपस्थित प्रशासनिक पदाधिकारियों को अपने हाथों से बैनर हटा कर फेंक देने की बात कही. इसके बाद कुछ कार्यकर्ता मोबाइल से वीडियो बनाने लगे एवं कुछ कार्यकर्ताओं के द्वारा इस घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ नेताओं को दी गई.

जिसके बाद यह मामला रातों-रात पटना तक पहुंच गया. सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के  कुछ कार्यकर्ता तत्काल भोजनालय पर पहुंच गए. कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने हाथों से बैनर हटाने के लिए साफ मना कर दिया गया. कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम प्रशासन के कार्य में अवरोध पैदा नहीं करेंगे. इस बैनर को स्वयं उपस्थित प्रशासन के पदाधिकारी अपने हाथों से हटाकर फेंक दें. इसे देखते हुए वहां पर उपस्थित अधिकारियों के बीच बैनर को कौन हटाएगा इसे लेकर असमंज की स्थिति देखी गयी.

इसके बाद एसडीएम शिव कुमार रावत के द्वारा सरकारी जमीन में बैनर लगाकर भोजनालय चलाने को अवैध करार दिया गया तो कार्यकर्ताओं के द्वारा इसे हटाने के लिए प्रशासन से लिखित आदेश पारित करने की मांग की गई. जिस पर पदाधिकारियों ने अपना पांव पीछे खींच लिया.

इस विषय पर राष्ट्रीय जनता दल के युवा नेता सुधाकर सिंह ने बताया कि तेजस्वी यादव के निर्देश पर बिहार में कई जगह तेजस्वी भोजनालय चलाया जा रहा है.  मजदूरों को भोजन कराने का कार्यक्रम चलता रहेगा. यह रुकने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है .अगर प्रशासन के द्वारा सरकारी जमीन से भोजनालय हटाने के लिए नोटिस दिया जाएगा तो हम लोग इसे निजी जमीन में भी लगाकर चलाएंगे,  लेकिन भूखे प्यासे प्रवासी मजदूरों को खिलाने का सिलसिला जारी रहेगा.

इसी तरह यह हाई वोल्टेज ड्रामा शाम 7बजे से 11:30 बजे रात तक चलता रहा.  जिसके बाद अंततोगत्वा पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को बैरंक वापस लौटना पड़ा. इसके बाद शुक्रवार  को पूरे दिन भोजनालय में प्रवासी मजदूरों को भोजन कराने का सिलसिला जारी रहा.