अंतरराज्यीय बैंक लुटेरा गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे, सरगना पटना के बाढ़ का, दर्जनों लूटकांड में हाथ

गिरफ्तार बैंक लुटेरों के बारे में जानकारी देते समस्तीपुर के एसपी दीपक रंजन

समस्तीपुर (राजू गुप्ता): जिला पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है. इनकी ताबड़तोड़ मेहनत आखिरकार सफलता में बदल ही गयी. बहुचर्चित यूको बैंक के लुटेरे आखिर कानून के गिरफ्त में आ ही गये. उत्तर बिहार के सबसे बड़ी बैंक लूट की घटना माने जाने वाले समस्तीपुर के यूको बैंक से हुई 49 लाख की दिनदहाड़े लूट का खुलासा जिला पुलिस ने कर लिया है. बैंक लूट कांड में संलिप्त 5 अपराधियों की गिरफ्तारी आर्म्स समेत की गई है. इनके पास से लूट के 22 लाख रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं. उक्त बातों की जानकारी एसपी दीपक रंजन ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. इस लूट कांड का सरगना पटना के बाढ़ का रहने वाला अमित सिंह भी गिरफ्तार हुआ है. उसने बैंक लूट में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. लुटेरों ने दो दर्जन बैंकों में लूट को अंजाम दिया है.

एसपी दीपक रंजन ने बताया कि लूट कांड में शामिल अपराधी कितने शातिर हैं, इसका अंदाजा इस बात से ही लगता है कि यह गिरोह 1995 से ही पूरे देश के अलग अलग शहरों में करीब दो दर्जन बैंक लूट की घटना को अंजाम दे चुका है लेकिन पहली बार पुलिस गिरफ्त में आया है. गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस के सामने जब इस बैंक लूट के साथ ही बैंक लूट की दूसरी वारदातों को अंजाम देने के तरीकों का खुलासा किया तो इसने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया. इस मामले में पुलिस ने जमशेदपुर, पटना और वैशाली में छापेमारी कर लूटी गयी रकम में से करीब 22 लाख रुपये, भारी मात्रा में हथियार, लूट में उपयोग की गयी 2 बाइक, मोबाइल लूट के समय पहने गए कपड़े के साथ अंतरप्रांतीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है.

बैंक लूट के दौरान लुटेरे बैंक में लगी सीसीटीवी का सीडीआर भी खोल कर लेते चले गए थे. जिससे उनका कोई हुलिया नहीं मिल रहा था, लेकिन बाजार में अलग अलग लगे दूसरे सीसीटीवी कैमरे में शक के आधार जिन बाइक सवार को लुटेरा मानकर पुलिस आगे बढ़ी थी. वह शक सही साबित हुआ. इस लूट कांड का सरगना पटना के बाढ़ का रहने वाले अमित सिंह ने सभी दो दर्जन बैंक लूट में अपने गैंग शामिल रहने की बात को स्वीकार की है.

गौरतलब है कि विगत 4 जनवरी को समस्तीपुर नगर थाना से महज 500 मीटर पर स्थित गोला रोड यूको बैंक की शाखा में बैंक खुलते ही तीन अपराधी अंदर घुस गए थे और बैंक कर्मियों को पिस्तौल की नोक पर लेकर कैश रूम 49 लाख रुपये लूट कर बैंक के बाहर से शटर बंद कर उसमें नया ताला मार दिया और खुद यह शोर मचाते हुए भागने लगे कि अंदर डकैती हो रही है. इसके बाद बाहर इन्तजार कर रहे दूसरे अपराधियों के साथ अलग अलग बाइक पर सवार होकर सभी अपराधी अलग अलग दिशा में इस तरह निकल गए मानो सभी बैंक के कस्टमर हों. किसी को शक नहीं हो पाया कि उनकी आंखों के सामने से निकले लोग ही दरअसल बैंक लुटेरा था.

इस वारदात से आमलोगों के साथ ही पुलिस के भी होश उड़ गए थे, क्योंकि शातिर लुटेरों से उस समय कोई सुराग नहीं छोड़ा था. घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के जोनल आईजी और डीआईजी ने समस्तीपुर में ही कैम्प किया था और तुरंत एक एसआईटी गठित की गयी थी, जिसमें जिले तेज तर्रार माने जाने वाले दस पुलिस अफसर और दो डीएसपी को शामिल किया गया था. शुरू में यह वारदात पूरी तरह ब्लाइंड केस की तरह लग रहा था. इस खुलासे के बाद जहां समस्तीपुर पुलिस ने राहत की सांस ली है. वहीं लोगों में खुशी का माहौल है. लोगों का कहना था कि इन अपराधियों के पकड़े जाने से अन्य अपराधियों के मनोबल में गिरावट आयेगी.

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